राज्य बजट में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य कल्याण के लिए 32 हजार 526 करोड़ रुपये, 2023-24 से 53 प्रतिशत अधिक आवंटन

राज्य बजट 2026-27 में स्वास्थ्य कल्याण के क्षेत्र में 32 हजार 526 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो वर्ष 2023-24 से 53 प्रतिशत अधिक है। बजट में चिकित्सा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे का विस्तार, डिजिटल नवाचार, मानसिक स्वास्थ्य, निःशुल्क उपचार सहित विभिन्न क्षेत्रों पर फोकस किया गया है। राज्य की आर्थिक समीक्षा के अनुसार वर्तमान में 267 अस्पताल, 849 सीएचसी, 2 हजार 875 पीएचसी, 15 हजार 292 उपकेन्द्र तथा 638 आयुष्मान आरोग्य मंदिर सहित विभिन्न आयुर्वेद, होम्योपैथिक अस्पताल कार्यरत हैं। राज्य सरकार द्वारा इस वर्ष के बजट में भी चिकित्सा संस्थानों की स्थापना, सीएचसी से उप जिला चिकित्सालय में क्रमोन्नयन, पीएचसी से सीएचसी में क्रमोन्नयन, उप स्वास्थ्य केंद्र से आयुष्मान आरोग्य मंदिर में क्रमोन्नयन, नवीन उपस्वास्थ्य केंद्र तथा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण सहित विभिन्न कार्य करवाए जाएंगे।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र आवंटन

विभाग/मिशन का नामआवंटित राशि (करोड़ ₹ में)
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग12,195
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM)4,853
चिकित्सा एवं शिक्षा विभाग2,995
परिवार कल्याण विभाग1,798
आयुष (AYUSH) विभाग787.67

विभिन्न अस्पतालों में सुविधाओं का विस्तार

  • जयपुर के मेडिकल कॉलेज में सुविधाओं के उन्नयन के लिए 865 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे।
  • इमरजेंसी रेस्पॉन्स सिस्टम विकसित कर शिशु मृत्यु दर को कम करने का लक्ष्य है।
  • जे.के.लोन अस्पताल में 500 बेड क्षमता के आईपीडी टॉवर की स्थापना की जाएगी।
  • जे.के.लोन अस्पताल में पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी विभाग बनाया जाएगा।
  • आरयूएचएस (RUHS) हॉस्पिटल में 200 बेड का पीडियाट्रिक आईपीडी विकसित किया जाएगा।
  • आरयूएचएस (RUHS) हॉस्पिटल में निओनेटल आईसीयू (NICU) विकसित किया जाएगा।

मेडिकल कॉलेज में सुविधा विस्तार

मेडिकल कॉलेजों में मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर, क्रिटिकल केयर तथा एमसीएच (ट्रोमा सर्जरी) के सुपर स्पेश्यलिटी कोर्स, अत्याधुनिक विश्राम गृह तथा स्वास्थ्य कर्मियों की क्षमता संवर्धन के लिए बेसिक लाइफ सपोर्ट ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना सहित विभिन्न कार्य करवाए जाएंगे। इसके लिए निम्न अनुसार राशि खर्च की जाएगी-

चिकित्सा महाविद्यालयआवंटित बजट (करोड़ रुपये में)
जोधपुर चिकित्सा महाविद्यालय461
अजमेर चिकित्सा महाविद्यालय345
कोटा चिकित्सा महाविद्यालय341
उदयपुर चिकित्सा महाविद्यालय333
बीकानेर चिकित्सा महाविद्यालय276

सड़क दुर्घटना में त्वरित उपचार के लिए राज सुरक्षा

  • राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि सड़क दुर्घटना, हार्ट अटैक, प्रसूति एवं अन्य आपात परिस्थितियों में मरीजों को त्वरित उपचार मिले।
  • इसी कड़ी में सरकार द्वारा राज सुरक्षा योजना लागू की गई है।
  • इससे मरीजों को निकटतम चिकित्सा संस्थानों में त्वरित मेडिकल हेल्प मिल सके।
  • इसके लिए 24×7 क्रिटिकल केयर कमाण्ड सेंटर की स्थापना, सीएचसी पर ईसीजी/टेली ईसीजी एवं थ्रोम्बोलिसिस की सुविधाएं तथा हाइवे पर रेस्ट एरिया में एम्बुलेंस तैनात की जाएगी।
  • ट्रोमा सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए भी 150 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। दु
  • र्घटना में जान गवाने वाले मृतक के पार्थिव शरीर को मोर्चरी से घर तक निःशुल्क पहुंचाने के लिए भी मोक्ष वाहिनी योजना शुरू की जाएगी।

असहाय, विमंदित, लावारिस रोगी को निःशुल्क चिकित्सा सुविधा

  • राज्य सरकार द्वारा आमजन के निःशुल्क इलाज के लिए मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (मा) संचालित है।
  • योजना में 2 हजार 179 हेल्थ पैकेज के तहत 25 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा है।
  • इस योजना के तहत 1 करोड़ 36 लाख परिवार पंजीकृत हैं।
  • वर्ष 2025-26 के दौरान 15 लाख से अधिक व्यक्ति योजना से लाभान्वित हुए।
  • योजना का विस्तार करते हुए इस बजट में मा योजना के तहत असहाय, विमंदित, लावारिस रोगी को भी निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का प्रावधान रखा गया है।
  • साथ ही, योजना का लाभ सभी पात्र व्यक्तियों को दिलाने के लिए पंचायत स्तर पर आरोग्य शिविर का आयोजन किया जाएगा।

राज ममता प्रोग्राम से रखा जाएगा मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल

  • राज्य सरकार आमजन के मानसिक स्वास्थ्य का भी ख्याल रख रही है।
  • राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 5.51 करोड़़ रोगियों का उपचार किया गया।
  • बजट में भी मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष फोकस किया गया है। सभी के मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए सुलभ व गुणवत्तापूर्ण मानसिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए राज ममता प्रोग्राम चलाया जाएगा
  • इससे अवसाद, चिन्ता और आत्महत्या जैसी घटनाओं को रोका जा सकेगा।
  • इस प्रोग्राम के तहत एसएमएस मेडिकल कॉलेज में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन मेंटल हेल्थ’ की स्थापना की जाएगी।
  • साथ ही, जिला मुख्यालयों पर भी ‘मेंटल हेल्थ केयर सेल’ और जिला चिकित्सालयों पर मनोचिकित्सक के साथ साइकोलॉजिकल काउंसलर की सुविधा दी जाएगी।
  • इसके अलावा उच्च माध्यमिक विद्यालयों में स्ट्रेस कम मेंटल हेल्थ काउंसलिंग और अवेयरनेस सेशन्स भी आयोजित करवाए जाएंगे।

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