LDC 2011: Paper-2 (22 DEC), Test-1 April 27, 2026 इस टेस्ट के लिए 15 मिनट का समय निर्धारित है। इस टेस्ट के लिए निर्धारित समय समाप्त हो गया है। LDC 2011: Paper-2 (22 DEC), Test-1 1 / 33 ‘मरने की इच्छा’ वाक्यांश हेतु उपयुक्त शब्द है- मुमुक्षा मुमूर्षा जिजीविषा उत्सर्गेच्छा 2 / 33 ‘गले के नीचे उतरना’ मुहावरे का अर्थ है- पचाना खो जाना हजम करना समझ में आना 3 / 33 अज्ञ का विलोम है- अल्पज्ञ बहुज्ञ सर्वज्ञ भिज्ञ 4 / 33 ‘पय’ का अर्थ है- चमक छंदशास्त्र उत्पन्न दूध 5 / 33 ‘अमृत’ का पर्यायवाची नहीं है- पीयूष अमिय सुधा व्योमरस 6 / 33 निम्नलिखित में से कौनसा संधि शब्द सही है? गुरुपदेश षड्मूर्ति उच्च्ंखल मिष्टान्न 7 / 33 असंगत पर्यायवाची है- ईर्ष्या दाह जलन मनमुटाव 8 / 33 कर्तृवाच्य का प्रयोग नहीं हुआ है- महेश स्कूल से आ रहा है। अखबार पढ़े जाते हैं। माली बगीचे में फूल तोड़ रहा है। कुत्ता सारी रात भौंकता रहा। 9 / 33 ‘कुछ न कुछ बुराई सब जगह होती है’ अभिप्राय की वाचक लोकोक्ति है- कड़ाही से गिरा चूल्हे में पड़ा करम से बलिया, पकाई खीर हो गया दलिया काबुल में क्या गधे नहीं होते दान की बछिया के दाँत नहीं देखे जाते 10 / 33 अशुद्ध वर्तनी है- पुनरवलोकन सौन्दर्य पुनरागमन अभ्यारण्य 11 / 33 प्रशासनिक संदर्भ में शब्द ‘PARALYSE’ का हिन्दी पारिभाषिक रूप है- लकवा होना पोलियो होना बंद करना ठप करना 12 / 33 मूल शब्द व प्रत्यय का विभाजन अशुद्ध है- कटौती = कट + औती बुढ़ौती = बूढ़ा + औती कनौती = कान + औती बपौती = बाप + औती 13 / 33 अशुद्ध विलोम वाला शब्द युग्म है- अभिमुख-उन्मुख हस्व-दीर्घ गणतन्त्र-एकतन्त्र सृष्टि-प्रलय 14 / 33 ‘अक्ष’ शब्द का अर्थ नहीं होता है- चक्र पासा धुरी ब्रह्म 15 / 33 शुद्ध वाक्य है- मन मयूर चाहता है मर्कट की तरह उछलते रहना। कृपया उत्तर देने की कृपा करें। यह ऐसी पहेली है जिसे सुलझा सकना संभव नहीं हो सकता। आपका यह मत ग्राह्य है। 16 / 33 भाववाच्य का प्रयोग नहीं हुआ है- मुझसे बैठा नहीं जाता। राम से खाया नहीं जाता। मुझसे यह बोझ उठाया न जायेगा। धूप में चला नहीं जाता। 17 / 33 सही स्थानापन्न शब्द नहीं है- (a) जो आज तक से संबंधित है-आधुनिक (b) जड़ से नष्ट करने की क्रिया-उन्मूलन (c) हास्य-व्यंग्य से पूर्ण नाटक रूप-प्रहसन (d) आकाश में असंख्य तारों का पुंज-निहारिका (a) (b) (c) (d) 18 / 33 कार्यालयी पत्र के संदर्भ में असत्य है- पत्रांक एवं दिनांक का प्रयोग होता है। पत्र-शीर्ष कागज के ऊपर दायें कोने में लिखा जाता है। हाशिये से थोड़ा हटकर प्रेषिति को संबोधित किया जाता है। पत्र का पृष्ठांकन किया जाता है। 19 / 33 विसर्ग संधि का उदाहरण है- युधिष्ठिर निष्ठुर भयंकर मनोयोग 20 / 33 शुद्ध वाक्य नहीं है- इनके वेतन से केवल दाल रोटी हो जाती है। हिन्दी को शिक्षा अनिवार्य कर दी। गलियों को चौड़ा करना आवश्यक हो गया। हमे भोग विलास पर धन नष्ट नहीं करना चाहिए। 21 / 33 वर्तनी की दृष्टि से शुद्ध शब्द है- पुरस्कार कृतकृत्य औदार्य अधीन 22 / 33 ‘VENDOR’ का हिन्दी पारिभाषिक शब्द है- गवाक्ष खिड़की विक्रेता निविदा 23 / 33 वचन संबंधी अशुद्धि से रहित वाक्य है- वे लोग विविध विषय से परिचित थे। दिल्ली में चार गिरफ्तारी हुई। ऐसे हालातों में ख्याल रखना। जैन साहित्य प्राकृत में लिखा गया है। 24 / 33 अशुद्ध वाक्य है- राष्ट्र की उन्नति, संस्कृति और शक्ति उसकी एकता पर निर्भर है। उस पर घड़ों पानी पड़ गया। उसे व्यर्थ सहायता देने से कोई लाभ नहीं है। आप में आवश्यक गुणों की कमी है। 25 / 33 किस शब्द में ‘परा’ उपसर्ग नहीं है- पराजय पराधीन पराक्रम पराभव 26 / 33 ‘On PROBATION’ का हिन्दी अनुवाद है- संविदाधीन अल्पकालीन अंशकालीन परिवीक्षाधीन 27 / 33 जिस विकारी शब्द के प्रयोग से हम किसी वस्तु के विषय में कुछ विधान करते हैं उसे कहते हैं- संज्ञा सर्वनाम क्रिया विशेषण 28 / 33 छत्रछाया शब्द में अशुद्धि का कारण है- संधि समास उपसर्ग प्रत्यय 29 / 33 ‘अवलोकनार्थ प्रस्तुत’ का अंग्रेजी अनुवाद होगा- Submitted for perusal Submitted for order Submitted for information Submitted for approval 30 / 33 व्यंजन संबंधी अशुद्ध वर्तनी है- श्राप खीझना गण्यमान्य सोडा 31 / 33 ‘ईन’ प्रत्यय से निर्मित शब्द है- नाइन पंडिताइन कुलीन ठकुराइन 32 / 33 ‘बालू से तेल निकालना’ मुहावरे का अर्थ है- असंभव काम करना शीघ्र नष्ट होने वाली वस्तु पूर्णतः स्वस्थ होना बहुत साधन सम्पन्न होना 33 / 33 इन शब्दों में वर्तनी (मात्रा) की अशुद्धि का उदाहरण है- आकांक्षा वाल्मीकि कुमुदनी विद्रूप अगर लीडरबोर्ड (रिजल्ट) में आपका नाम चाहते हैं, तो निम्न जानकारी फिल कर सकते हैं। आपका केवल नाम सार्वजनिक होगा, ई-मेल और मोबाइल नंबर गोपनीय रहेगा। आप हर बार एक ही नाम और ईमेल का प्रयोग करें, ताकि हर बार अंक आपके स्कोरबोर्ड में ही काउंट हो। Your score isThe average score is 0% 0%