राजस्थान के रीति-रिवाज: टेस्ट-1 September 23, 2026 राजस्थान के रीति-रिवाज: टेस्ट-1 1 / 40 राजस्थान की वह परम्परा, जिसमें दूल्हे की बारात के घर से चले जाने के बाद घर की स्त्रियों द्वारा लोकनाट्य किया जाता है, कहलाती है? CET (स्नातक स्तर) 2023 स्वांग ख्याल टूटिया रम्मत भरतपुर क्षेत्र में यह 'खोरिया' के नाम से जाना जाता है। दूल्हे की बारात के घर से चले जाने के बाद घर की स्त्रियों द्वारा शादी के पूर्व से लेकर सात फेरों तक की रस्म-रिवाज संक्षिप्त रूप से निपटाने की प्रक्रिया को 'टूँटिया' कहा जाता है। 2 / 40 मोर बांधिया, पहरावणा और ताणना नामक तीन प्रकार के विवाह किस जनजाति में प्रचलित हैं? IIGr. Tea. Ex. 2023 भील सहरिया गरासिया मीणा 3 / 40 'गौना' रस्म किससे संबंधित है? कारापाल 2012 JMRC कस्टमर रिलेशन 2012 मुण्डन विवाह नामकरण यज्ञोपवीत 4 / 40 जन्म के समय एक आयोजन जिसमें पूजा के लिए गाँव के कुएँ पर एक शोभा यात्रा ले जाई जाती है? कैरियावार जलवा समारोह जडूला समारोह तोरण समारोह बच्चे के जन्म के उपरांत कुआँ पूजन की रस्म की जाती है। इसमें महिलाएँ गीत गाते हुए कुएँ पर जाती हैं। इस प्रथा को 'जलवा पूजन' भी कहते हैं। 5 / 40 राजस्थान की संस्कृति में 'मुग्धणा' क्या है? पटवार मुख्य परीक्षा 2016 माता जी को मेहंदी चढ़ाकर मेहमानों में बाँटना वधू को मूँग और घी खिलाना लाख की चूड़ियाँ जिसमें चाँदी की कड़ी पिरोई जाती है भोजन पकाने के लिए लकड़ियाँ जो विनायक स्थापना के पश्चात् लाई जाती हैं विनायक स्थापना के बाद घर में भोजन पकाने के लिए लाई जाने वाली लकड़ियाँ मुग्धणा कहलाती हैं। 6 / 40 अलवर में बनवारा, खोड़िया और बढ़ार की रस्में संबंधित हैं- Research Asst. 2025 औपचारिक शिक्षा से पहले मृत्यु से जन्म से विवाह से 7 / 40 कौनसे पर्व के मौके पर 'ढूँढ़' बाँटा जाता है? जेल प्रहरी 2017 नागपंचमी बसंत पंचमी दीपावली होली 8 / 40 निम्न में से किस समारोह का संबंध विवाह से है? अध्यापक भर्ती (गणित एवं विज्ञान) Ex. 2023 गोद लेना जडूला पनघट पूजन टीका टीका- सगाई होने के बाद टीके की रस्म में वधू पक्ष वाले वर को चौकी पर बैठाकर उसका तिलक कर अपने सामर्थ्यानुसार भेंट देते हैं। जबकि वर पक्ष की ओर से वधू पक्ष के लिए होने वाली यह प्रथा गोद भराई कहलाती है। 9 / 40 'झिम्मी' क्या है? सहायक कृषि अधिकारी 2019 पुत्र के जन्म के पश्चात् चौदहवें दिन होने वाली रस्म पर्युषण पर्व के दौरान तीन दिन का उपवास फेरे अथवा सप्तपदी के समय मामा द्वारा दी गई और वधू द्वारा पहनी गई गोटे-किनारी युक्त लाल-गुलाबी ओढ़नी संतान प्राप्ति के बाद बेटी को विधि-विधान से ससुराल विदा करने की परम्परा 10 / 40 निम्न में से 'तोरण' का संबंध किससे है? व्याख्याता आयुर्वेद विभाग 2021 जन्म शिक्षा विवाह मृत्यु तोरण की रस्म का संबंध विवाह से है। जब दूल्हा, दुल्हन के घर के दरवाजे पर पहुँचता है तो वहाँ लगे लकड़ी के तोरण को अपनी तलवार/छड़ी से छूता है जिसे तोरण की रस्म कहा जाता है। 11 / 40 निम्नलिखित में से कौनसी प्रथा विवाह समारोह से संबंधित नहीं है? पुलिस कांस्टेबल 2018 बढ़ार कन्यावल बरी पड़ला पानीवाड़ा कन्यावल - विवाह के दिन वधू के माता-पिता व भाइयों द्वारा रखा जाने वाला उपवास। बरी पड़ला - बारात के साथ वर के घर से वधू के लिए कपड़े, जूतियाँ, आभूषण, चूड़ा आदि भेजे जाते हैं, उसे बरी पड़ला कहते हैं। पानीवाड़ा - किसी व्यक्ति की मृत्यु के समय लोग एकत्रित होकर स्नान करके मृतक के परिवार को सांत्वना देते हैं। इस समय किया जाने वाला स्नान पानीवाड़ा कहलाता है। 12 / 40 निम्न में से कौनसा संस्कार जन्म से संबंधित है? JEN (civil) Diploma 2020 CET (10+2) Ex. 2023 जडूला बिंदोली मौसर सामेला जडूला - बच्चे के पहली बार सिर के बाल काटना। बिंदोली (बिंदौरी) - विवाह के एक दिन पहले रात्रि में वर व वधू की बिंदोली निकाली जाती है, जिसमें महिलाएँ मांगलिक गीत गाती हुई उन्हें मोहल्ले/गाँव में घुमाती हैं। मौसर - मृत्यु भोज की प्रथा। सामेला - विवाह के दौरान जब वर, वधू के यहाँ पहुँचता है तो वधू के पिता द्वारा अपने सगे-संबंधियों के साथ वर पक्ष का स्वागत करना। 13 / 40 वह रस्म जिसमें पिता वधू की जिम्मेदारी वर को सौंपता है? III-ग्रेड शिक्षक परीक्षा 2013 कन्यादान कुंवर कलेवा मूठ भराई मधुपर्क फेरों के बाद वधू के पिता द्वारा यथाशक्ति भेंट उपहारों के साथ वधू की जिम्मेदारी वर को सौंपना कन्यादान कहलाता है। 14 / 40 विवाह के दूसरे दिन वर पक्ष द्वारा नवदंपति के लिए आशीर्वाद समारोह व प्रीतिभोज को क्या कहते हैं? JEN सिविल-डिप्लोमा 2022 कू बढ़ार ओलंदी आणों 15 / 40 राजस्थान के रीति-रिवाजों में 'आंणी' क्या है? RAS Pre. 2021 दुल्हन के परिवार द्वारा वर की बारात का डेरा देखने जाना कुँआ पूजन विवाह के पश्चात् दुल्हन को दूसरी बार ससुराल भेजना जलझूलनी की एकादशी पूजा गौना/मुकलावा/आंणी- विवाहित अवयस्क कन्या को वयस्क होने पर उसे अपने ससुराल भेजना 'मुकलावा' करना या गौना कहलाता है। वर्तमान में विवाह वयस्क अवस्था में होने के कारण गौना विवाह के साथ ही किया जाता है। 16 / 40 पुत्र जन्म के दसवें दिन किस रिवाज को मनाया जाता है? IInd Gr. G.K. 2025 जडूला ढूँढ़ दसौटण जामणा 17 / 40 राजस्थान में 'ओलंदी' क्या है? JEN कृषि 2022 राजस्थान का लोक-गीत विवाह का एक प्रकार एक देशी खेल नववधू के साथ जाने वाली लड़की या स्त्री नववधू के साथ जाने वाली लड़की या स्त्री ओलंदी कहलाती है। 18 / 40 'चिकनी कोथली' क्या है? JEN सिविल-डिप्लोमा 2022 पुत्र जन्मोत्सव की एक रस्म शादी की एक रस्म मृत्यु पर एक रस्म नए गृह प्रवेश की एक रस्म सगाई के बाद वर पक्ष द्वारा वधू के लिए जो गहने, कपड़े, मिठाई आदि सामग्री दी जाती है, उसे चिकनी कोथली कहते हैं। 19 / 40 'बढ़ार' क्या है? CET (स्नातक स्तर) 2023 JEN (यांत्रिकी) डिप्लोमा 2020 विवाह पर आयोज्य भोज राजस्थान की एक जनजाति अंत्येष्टि की एक क्रिया राजस्थान की एक झील विवाह के दूसरे दिन वर पक्ष द्वारा दिया जाने वाला सामूहिक प्रतिभोज 'बढ़ार' कहलाता है। 20 / 40 'बिंदोला' किस सामाजिक संस्कार से संबंधित एक रस्म है? संरक्षण अधिकारी 2025 मृत्यु संस्कार उपनयन संस्कार जन्मोत्सव विवाह संस्कार 21 / 40 बारात के स्वागत की रस्म को कहा जाता है? Asst. एग्रीकल्चर ऑफीसर 2013 सामेला पहरावणी मिलनी घुड़चढ़ी 22 / 40 ताणना एवं मोर बंधिया विवाह, निम्न में से किस जनजाति में प्रचलित हैं? CET (स्नातक स्तर) 2023 IIGr. Tea. 2023 सांसी मीणा भील गरासिया 23 / 40 राजस्थान लोक जीवन में 'ढूँढ़' है? जेल प्रहरी 2017 पुत्र जन्म के 10 माह बाद किया जाने वाला उत्सव एक लोक नृत्य बच्चे के जन्म की पहली होली पर प्रसूता के पीहर पक्ष की ओर से किया जाने वाला संस्कार विवाह संबंध निश्चित होने पर वर को दिए जाने वाले उपहार आदि बच्चे के जन्म के बाद पहली होली (फाल्गुन शुक्ल एकादशी) पर प्रसूता के पीहर पक्ष की ओर से कुछ उपहार, मिठाई व फूल भेजे जाते हैं, जिसे ढूँढ़ कहा जाता है। 24 / 40 निम्नलिखित में से किस राजस्थानी परम्परा में, विवाह से पहले दुल्हन और दूल्हे को धागे से बाँधा जाता है और विवाह के बाद धागा हटा दिया जाता है? पटवार 2011 पुलिस कांस्टेबल 2018 सामेला पहरावणी बरी पड़ला कांकन डोर विवाह से दो दिन पूर्व वर के दाहिने हाथ में कांकन डोरा बाँधते हैं। यह मौली को बाँटकर बनाया जाता है। दूसरा कांकन डोरा वधू के लिए 'बरी-पड़ला' के साथ भेजा जाता है। 25 / 40 राजस्थान में 'सामेला' शब्द किस अवसर पर प्रयुक्त होता है? BSTC 2024 JEN (विद्युत) Diploma 2020 जन्म के समय विवाह के समय गौना के समय मृत्यु के समय कन्या पक्ष की ओर से नगर या गाँव के प्रांगण में दूल्हे व बारातियों का, तोरण पर आने से पूर्व किया जाने वाला स्वागत सामेला [ठुमाव] कहलाता है। 26 / 40 किस समारोह में, किसी देवता या देवी के सामने छोटे बच्चे के बाल पहली बार काटे जाते हैं? पुलिस कांस्टेबल 2018 बड़ार आख्या जडूला सामेला 27 / 40 'जडूला' एक प्रमुख संस्कार है, इसे कहते हैं- सहायक कृषि अधिकारी 2013 जातकर्म निष्क्रमण चूड़ाकर्म समावर्तन बच्चे के 2 या 3 वर्ष का होने के पश्चात् किसी तीर्थ स्थल पर ले जाकर उसके केश उतरवाए जाते हैं। इसे 'जडूला' या 'मुंडन' [चूड़ाकर्म] कहते हैं। जातकर्म- बच्चे के जन्म लेते ही घर के सदस्य द्वारा बच्चे को घुट्टी/पेय पदार्थ पिलाया जाता है। निष्क्रमण- बच्चे के जन्म के 12वें दिन से 4 महीने तक कभी भी बच्चे को सूर्य व चन्द्रमा के दर्शन कराए जाते हैं। समावर्तन- गुरुकुल से शिक्षा पूर्ण होने पर अपने घर लौटना। 28 / 40 निम्नलिखित में से कौनसी प्रथा विवाह से संबंधित है? JEN सिविल-डिप्लोमा 2022 जडूला जलवा पूजन मुठ भराई मौसर मुठ भराई - बारातियों के बीच बैठकर वर के सामने थाल में रुपये रखकर उसको मुट्ठी में कलदार रुपये लेने को कहा जाता है। 29 / 40 वह संस्कार, जो बालक को विद्यारम्भ हेतु गुरु के पास ले जाने के समय किया जाता है? पटवार 2011 चूड़ाकर्म सीमन्तोन्नयन यज्ञोपवीत पाणिग्रहण इस संस्कार द्वारा बालक को शिक्षा के लिए गुरु के पास लाया जाता था। ब्रह्मचर्य आश्रम की शुरुआत इसी से होती है। इसे यज्ञोपवीत संस्कार भी कहते हैं। पाणिग्रहण- विवाह के समय होने वाला संस्कार जिसमें ब्रह्मचर्य आश्रम से गृहस्थ आश्रम में प्रवेश होता है। सीमन्तोन्नयन- गर्भवती स्त्री को अमंगलकारी शक्तियों से बचाने के लिए किया जाता है। इसे 'अगरण्टी' भी कहा जाता है (गर्भधारण से छठे माह तक किया जाता है)। 30 / 40 महिला पोशाक पोमचा किस अवसर पर पहना जाता है? CET (10+2) Ex. 2023 सगाई हरियाली तीज गणगौर शिशु के जन्म पर कमल के फूल के अभिप्राय युक्त ओढ़नी, जो नवजात के जन्म पर मातृपक्ष द्वारा दी जाती है। पुत्र के जन्म पर पीला पोमचा व पुत्री के जन्म पर गुलाबी पोमचा ओढ़ा जाता है। पोमचा जयपुर का प्रसिद्ध है, जबकि पीला पोमचा शेखावाटी का प्रसिद्ध है। 31 / 40 राजस्थानी संस्कृति में 'जानोटण' क्या है? सहायक कृषि अधिकारी 2019 ग्रामसेवक 2018 भूमि का माप एक प्रकार का लोक गीत कृषि कर वरपक्ष की ओर से दिया जाने वाला भोज विवाह के दौरान वर पक्ष की तरफ से दिया जाने वाला भोज जानोटण कहलाता है। 32 / 40 बेटी का पहला प्रसव होने पर उसके पीहर वालों द्वारा जँवाई व उसके साथियों को भेंट देना कहलाता है? RAS/RTS 1994 कोथला जामण गौना (1) व (2) दोनों पुत्री के पहली बार बच्चा होने पर जँवाई एवं उनके परिवार वालों को बुलाकर भेंट देना कोथला कहलाता है। 33 / 40 निम्न में से किस सामाजिक प्रथा से 'फरगती' संबंधित है? Asst. Testing Officer 2025 बाल विवाह नाता सती दहेज 34 / 40 निम्नलिखित में से कौनसा विकल्प विवाह की रस्मों से संबंधित नहीं है? IInd Grade G.K. 2022 बिंदोली सामेला कर्णवेध कांकन बंधन कर्णवेध संस्कार बच्चे के जन्म से संबंधित है, जिसमें शिशु के तीसरे या पाँचवें वर्ष में कान बींधे जाते हैं। 35 / 40 आदिवासियों में वर पक्ष द्वारा वधू के पिता को वधू मूल्य के रूप में धन देने की प्रथा कहलाती है? पटवार 2011 मुकलानी हीरावणी कन्यादान दापा आदिवासियों में वर पक्ष द्वारा वधू के पिता को वधू का मूल्य देने की प्रथा है। यह वधू का मूल्य ही दापा कहलाता है। 36 / 40 बिंदोली, सामेला और पड़ला किस समारोह से संबंधित हैं? सहायक कृषि अधिकारी 2018 जन्म से गृह प्रवेश विवाह उपनयन 37 / 40 राजस्थान में विवाह से पहले दूल्हे को रिश्तेदारों द्वारा आमंत्रित किया जाता है और लौटते समय --------- से संबंधित गीत गाया जाता है? EO/RO Ex. 2023 बन्ना-बन्नी बिंदोला घोड़ी जाला 38 / 40 निम्नलिखित में से कौनसी प्रथा विवाह से संबंधित नहीं है? संरक्षण अधिकारी 2023 सामेला सातरवाड़ा बान मुग्धणा सातरवाड़ा- किसी व्यक्ति की मृत्यु के उपरांत परिवार वालों के पास संवेदना प्रकट करना। 39 / 40 राजस्थान में वर पक्ष का वधू के पिता द्वारा स्वागत किए जाने के रिवाज को क्या कहा जाता है? Librarian Gr. II 2025 बत्तीसी नूतना मधुपर्क मुकलावा मायरा वर पक्ष का वधू के घर पहुँचने पर वधू के पिता द्वारा अपने संबंधियों के साथ वर पक्ष का स्वागत करना सामेला/मधुपर्क कहलाता है। 40 / 40 कांकण-डोरड़ा, बिंदोली एवं सामेला राजस्थान में किस अवसर से संबंधित हैं? अध्यापक [उर्दू] Ex. 2023 IInd Gr. G.K. (संस्कृत शिक्षा) 2024 विवाह चूड़ाकर्म जन्म मृत्यु कांकण-डोरा/कांकण-डोरना- विवाह के दो दिन पूर्व वर के दाहिने हाथ में कांकण डोरा (मौली का धागा + राई, नमक, लाख व लोहे के छल्ले के साथ) बाँधा जाता है। दूसरा कांकण डोरा वधू के लिए 'बरी-पड़ला' के साथ भेजा जाता है, जिसे वधू के हाथ पर बाँधा जाता है। अगर लीडरबोर्ड (रिजल्ट) में आपका नाम चाहते हैं, तो निम्न जानकारी फिल कर सकते हैं। आपका केवल नाम सार्वजनिक होगा, ई-मेल और मोबाइल नंबर गोपनीय रहेगा। आप हर बार एक ही नाम और ईमेल का प्रयोग करें, ताकि हर बार अंक आपके स्कोरबोर्ड में ही काउंट हो। Your score isThe average score is 0% 0%