राजस्थान की कला एवं संस्कृति: लोक देवता एवं देवियां, टेस्ट-4 September 14, 2026 राजस्थान की कला एवं संस्कृति: लोक देवता और देवियां, टेस्ट-4 1 / 32 रामदेवजी का सुमेलित स्थल है- खोज और उत्खनन अधिकारी-2024 ऊँडूकासमेर कोलू खड़नाल ददरेवा 2 / 32 निम्नलिखित में से किस संत का संबंध "भाद्रपद शुक्ल सप्तमी" पर आयोजित होने वाले मेले से है? JEN (सिविल-डिप्लोमा)-2025 गोगा जी तेजा जी मल्लीनाथ जी देवनारायण जी 3 / 32 राजस्थान के किस लोक देवता ने अपनी पत्नी की प्रेरणा से योग साधना की दीक्षा ली? पुलिस परीक्षा-2018 खाद्य सुरक्षा अधिकारी Ex.-2023 पाबूजी मल्लीनाथजी रामदेवजी हरभूजी मल्लीनाथ जी ने अपनी रानी रूपादे की प्रेरणा से गुरु उगमसी भाटी से योग की दीक्षा ली। 4 / 32 राजस्थान के लोक देवता हड़भूजी (हड़बूजी) का जन्म हुआ? कृषि पर्यवेक्षक-2015 नागौर जैसलमेर फलौदी आसींद हड़बूजी जन्म:- भूंढेल [नागौर], भूंढेल के मेंहाजी सांखला के पुत्र थे। • हड़बू जी को शकुन शास्त्री माना जाता है। 5 / 32 अधोलिखित (लोक देवता मुख्य तीर्थस्थल) में से कौनसा युग्म असंगत है? CET (स्नातक स्तर)-2023 तेजाजी-परबतसर (नागौर) देवनारायण जी - आसींद (भीलवाड़ा) पाबूजी - कोलू गाँव (फलौदी) तल्लीनाथ जी - कतरियासर (बीकानेर) तल्लीनाथ जी जालौर के प्रसिद्ध लोक देवता हैं। • जालौर के पांचोटा गांव के निकट पंचमुखी पहाड़ी के बीच घोड़े पर सवार बाबा तल्लीनाथ जी की मूर्ति स्थित है। • जालौर क्षेत्र के लोग इसके आस-पास के क्षेत्र को ओरण मानते हैं, जहाँ कोई पेड़-पौधा नहीं काटता। • पांचोटा गाँव के लोग किसी व्यक्ति या पशु के बीमार पड़ने या जहरीला कीड़ा काटने पर इनके नाम का डोरा बांधते हैं। • ओरण के देवता- तल्लीनाथ जी 6 / 32 पाबूजी का मुख्य स्थल है- ग्रेड-II शिक्षक-2017 कोलू गोगामेड़ी परबतसर पिचियाक मल्लीनाथ जी का प्रसिद्ध मंदिर तिलवाड़ा (बालोतरा) में है। 7 / 32 किसकी स्मृति में तिलवाड़ा पशुमेला आयोजित होता है? II Gr. Tea.-2023 लवण निरीक्षक-2019 मल्लीनाथ जी पाबूजी रामदेव जी तेजाजी तिलवाड़ा (बालोतरा) में लूनी नदी के किनारे चैत्र कृष्ण एकादशी से चैत्र शुक्ल एकादशी तक मल्लीनाथ पशु मेला लगता है जो राजस्थान का सबसे पुराना पशु मेला माना जाता है। 8 / 32 गोगाजी का मुख्य स्थल है- ग्रेड-II शिक्षक-2017 कोलू गोगामेड़ी परबतसर पिचियाक 9 / 32 गोगाजी का सुमेलित स्थल है- खोज और उत्खनन अधिकारी-2024 ऊँडूकासमेर कोलू खड़नाल ददरेवा 10 / 32 देवनारायण का मुख्य मंदिर कहाँ अवस्थित हैं? JEN [यांत्रिकी डिग्री]-2020 तलवाड़ा आसींद रामदेवरा पंचोटा देवनारायणजी का जन्म नाग वंशीय गुर्जर वंश के सवाई भोज व सेढू खटानी के घर 1243 ई. को हुआ। • गुर्जर जाति के लोग विष्णु का अवतार मानते हैं। • पत्नि- पीपलदे • बचपन का नाम:- उदयसिंह • देवनारायण जी को आयुर्वेद का ज्ञाता माना जाता है। • देवमाली [ब्यावर] में देहत्याग • देवजी का मूल देवरा 'ब्यावर' और आसींद (भीलवाड़ा) में है। 11 / 32 तेजाजी का मुख्य स्थल है- ग्रेड-II शिक्षक-2017 कोलू गोगामेड़ी परबतसर पिचियाक 12 / 32 चार हाथों वाला लोकदेवता किसे कहा जाता है? CET (स्नातक स्तर)-2023 कल्ला जी मल्लीनाथ जी फत्ता जी झुन्झार जी 13 / 32 मल्लीनाथ का मुख्य स्थल है- ग्रेड-II शिक्षक-2017 कोलू गोगामेड़ी परबतसर पिचियाक 14 / 32 लोक-कथा 'देवनारायण जी की फड़' के गायन में कौन-सा वाद्य यन्त्र प्रयोग में लाया जाता है? CET (स्नातक स्तर)-2023 मंजीरा चंग जन्तर खड़ताल देवनारायण जी की फड़ गुर्जर भोपों द्वारा जंतर नामक वाद्ययंत्र के साथ बांची जाती है। फड़ चित्रांकन में 'सर्प' का चित्र होता है तथा इनकी घोड़ी 'लीलागर' को हरे रंग से चित्रित किया जाता है। यह सबसे पुरानी, सबसे अधिक चित्रांकन व सबसे लम्बी (लम्बी गाथा वाली) फड़ है। • 2 सितम्बर, 1992 को देवनारायण जी की फड़ पर भारत सरकार द्वारा 5 रु. का डाक टिकट जारी किया गया। 15 / 32 लोक देवताओं एवं उनके पूजा स्थल/मंदिर के संबंध में कौनसा युग्म सुमेलित नहीं है? IIⁿᵈ Gr. G.K.-2025 भूरिया बाबा - पाचोटा (जालौर) मल्लिनाथ जी - तिलवाड़ा (बाड़मेर) हड़बूजी - बेगटी (फलौदी) वीर फत्ताजी - सांथू (जालौर) 16 / 32 कौनसा युग्म गलत सुमेलित है? कनिष्ठ अनुदेशक-2019 कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक-2019 पाबूजी-कोलू तेजाजी-खरनाल मल्लीनाथ जी-गागरोण गोगाजी-ददरेवा 17 / 32 किस लोकदेवता का मंदिर लूनी नदी के किनारे स्थित है? वन रक्षक-2022 पाबूजी तेजाजी मल्लीनाथ जी हड़बूजी 18 / 32 भारतीय डाक विभाग ने किस लोक देवता की फड़ पर डाक टिकट जारी किया है? पुलिस परीक्षा-2013 पाबू जी देवनारायण जी रामदेव जी तेजाजी 19 / 32 आसींद (भीलवाड़ा) निम्नलिखित में से किस लोक देवता से संबंद्ध है? V.D.O. मुख्य परीक्षा-2022 देवनारायण जी मल्लीनाथ जी मेहा जी रामदेव जी 20 / 32 तेजाजी का सुमेलित स्थल है- खोज और उत्खनन अधिकारी-2024 ऊँडूकासमेर कोलू खड़नाल ददरेवा 21 / 32 उन लोक देवताओं को चिन्हित कीजिए, जिनकी जीवन कथाओं में गौ-रक्षा के प्रकरण हैं-(i) गोगाजी(ii) तेजाजी(iii) पाबू जी(iv) देवजी IIⁿᵈ Gr. G.K. (संस्कृत शिक्षा)-2024 (i) एवं (iii) (i) एवं (ii) (i), (ii) एवं (iv) (i), (ii), (iii) एवं (iv) 22 / 32 अकबर के विरुद्ध चित्तौड़गढ़ आक्रमण (1567-68 ई.) के समय कौन से लोक देवता युद्ध करते हुए मारे गये? IIGr. Tea. Ex.-2018 वीर कल्ला जी वीर फत्ता जी वीर बिग्गा जी वीर मल्लीनाथ जी 23 / 32 "वे मारवाड़ के रावल सलखा और जैनीदे के सबसे बड़े पुत्र थे।" वे 1389 ई. में उगमसी भाटी के शिष्य बन गए। लोक देवता की पहचान करें- JEN (यांत्रिकी डिग्री)-2025 जसनाथजी देवनारायणजी मल्लिनाथजी रामदेवजी मल्लीनाथ जी का जन्म 1358 ई. में महेवा (बाड़मेर) नामक स्थान पर महेवा बाड़मेर के राजा राव सलखा (शासन 1357-1374 ई.) के यहाँ हुआ। • इनकी माता जीणदे व पत्नी रूपा दे जिसकी प्रेरणा से 1389 ई. में इन्होंने गुरु उगम सी भाटी से योगसाधना की दीक्षा ली। नोट- 1378 ई. में मल्लीनाथ जी ने मालवा सुल्तान निजामुद्दीन व फिरोजशाह तुगलक की संयुक्त सेना को पराजित किया। 24 / 32 लोक देवता कल्लाजी राठौड़ के समकालीन मेवाड़ का शासक कौन था? IIGr. Tea. GK (संस्कृत शिक्षा)-2023 जगतसिंह महाराणा प्रताप उदयसिंह अमरसिंह जन्म स्थान:- मेड़ता [नागौर] • पिता:- आससिंह [राव जयमल के छोटे भाई] • मीराबाई इनकी बुआ थी। • रनेला (सलूम्बर) इनकी सिद्धपीठ है। बांसवाड़ा में सर्वाधिक मंदिर। • इन्हें शेषनाग का अवतार माना जाता है। • ये सर्पदंश का अचूक इलाज करते थे। • अकबर के चित्तौड़ आक्रमण [1567 ई.] के समय जयमल राठौड़ को अपने कंधों पर बैठाकर युद्ध करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। इसलिए इतिहास में इन्हें चार हाथों वाले लोक देवता माना जाता है। कल्ला जी मेवाड़ शासक उदयसिंह के समकालीन थे। 25 / 32 'भाथी खत्री' किस लोक देवता को संदर्भित करता है? अध्यापक [संस्कृत] Ex.-2023 तेजाजी कल्लाजी हड़बूजी मल्लीनाथजी कल्लाजी एक व्यक्ति (भोपा) के शरीर में प्रवेश करते हैं और उनके आशीर्वाद से भक्तजन अपने दुःखों और बीमारियों से छुटकारा पाते हैं। गुजरात में ये भाथी खत्री के नाम से विख्यात हैं तथा मालवा में इन्हें जुझारू वीर नायक के रूप में पूजा जाता है। 26 / 32 किस लोक देवता को राजस्थान में 'शेषनाग' का अवतार कहा जाता है? BSTC-2024 तेजा जी गोगा जी कल्ला जी रामदेव जी 27 / 32 निम्न में से सत्य कथनों की पहचान करें-(A) कल्लाजी, जिन्होंने अकबर के चित्तौड़ किले पर आक्रमण के दौरान असाधारण वीरता और साहस दिखाया था, मेवाड़ क्षेत्र में चार हाथों वाले लोकदेवता के रूप में लोकप्रिय है।(B) ऐसा माना जाता है कि कल्लाजी का सिर काटने के बाद भी मुगलों से लड़ते हुए उनका धड़ रूण्डेला तक पहुँच गया था।(C) कल्लाजी द्वारा कामड़िया पंथ की स्थापना की गई थी।(D) राजस्थान में पाबूजी ऊँटों के देवता के रूप में पूजे जाते हैं।नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए- पशुपरिचर-2024 A, B, C B, C, D A, B, D A, C, D 28 / 32 पाबूजी का सुमेलित स्थल है- खोज और उत्खनन अधिकारी-2024 ऊँडूकासमेर कोलू खड़नाल ददरेवा 29 / 32 'भूरिया बाबा' आराध्य देवता हैं? II Gr. Maths परीक्षा-2011 गौड़वाड़ के मीणाओं के देवड़ा के राजपूतों के अजमेर के चौहानों के उदयपुर के सिसोदिया के भूरिया बाबा (गौतमेश्वर) - दक्षिण राजस्थान के गौड़वाड़ क्षेत्र में मीणा आदिवासियों के इष्टदेव। • प्रमुख मंदिर- पोसालिया (शिवगंज तहसील-सिरोही) में सुकड़ी नदी के किनारे। • मीणा जाति भूरिया बाबा की झूठी कसम नहीं खाते हैं। 30 / 32 देवनारायण जी से संबंधित गलत कथन को पहचानिए- संरक्षण अधिकारी-2025 देवजी ने बिनाय के ठाकुर से गायों को छुड़ाया और अपने पैतृक गांव को पुनः बसाया। देवजी का जन्मदिन माघ माह की शुक्ल पक्ष के छठे दिन को मनाया जाता है। देवजी के मंदिरों के पुजारी हमेशा विवाहित गुर्जर होते हैं। देवजी के कृत्यों की प्रशंसा में ये भोपे 'देवजी की फड़' गाते हैं। देवनारायण का प्रमुख मंदिर- सवाई भोज मंदिर आसींद (भीलवाड़ा) में हैं। जहां भाद्रपद शुक्ल सप्तमी को मेला भरता है। • देवनारायण जी के मंदिर में उनकी प्रतिमा के स्थान पर बड़ी ईंट की पूजा नीम की पत्तियों की सहायता से करते हैं। अन्य मंदिर • देवमाली (मसूदा, ब्यावर) - देवनारायण जी का समाधि स्थल • देवधाम जोधपुरिया (निवाई, टोंक) • देव डूंगरी पहाड़ी (चित्तौड़) 31 / 32 लोकदेवता मल्लीनाथजी का मंदिर कहाँ स्थित हैं? वनपाल-2022 IIGR. Tea. Ex.-2023 रूपेथा खड़नाल तिलवाड़ा ददरेवा तिलवाड़ा (बालोतरा) में लूनी नदी के किनारे मल्लीनाथ जी का मंदिर स्थित है जहाँ इनकी समाधि भी है। • तिलवाड़ा में चैत्र कृष्ण एकादशी से चैत्र शुक्ल एकादशी तक मेला भरता है। अन्य मंदिर डांडियाली गाँव (आहोर, जिला जालौर) में है। 32 / 32 कुंडा पंथ के प्रणेता कौन थे? पटवारी परीक्षा-2021 राव अजीतसिंह राव मल्लीनाथ गोगाजी पाबूजी 1399 ई. में मल्लीनाथ जी ने मारवाड़ के समस्त संतों को एकत्रित कर विशाल कीर्तन करवाया और कुण्डा पंथ की स्थापना की, जो एक वाममार्गी पंथ है। अगर लीडरबोर्ड (रिजल्ट) में आपका नाम चाहते हैं, तो निम्न जानकारी फिल कर सकते हैं। आपका केवल नाम सार्वजनिक होगा, ई-मेल और मोबाइल नंबर गोपनीय रहेगा। आप हर बार एक ही नाम और ईमेल का प्रयोग करें, ताकि हर बार अंक आपके स्कोरबोर्ड में ही काउंट हो। Your score isThe average score is 0% 0%