राजस्थान की कला एवं संस्कृति: लोक देवता एवं देवियां, टेस्ट-7 September 14, 2026 राजस्थान की कला एवं संस्कृति: लोक देवता और देवियां, टेस्ट-7 1 / 32 निम्नलिखित में सुमेलित है- ज्ञान अधीक्षक 28.7.2021 आई माता - बिलाड़ा नारायणी माता - सीकर कैवाय माता - जोधपुर चौथ माता - टोंक नारायणी माता- राजगढ़ (अलवर) • कैवाय माता- किण सरिया गाँव (नागौर) • चौथ माता- चौथ का बरवाड़ा (सवाई माधोपुर) 2 / 32 दधिमती माता का मंदिर स्थित है? JEN सिविल-डिप्लोमा, 18.5.2022 कंसुआ (कोटा) ओसियां (जोधपुर) गोठ-मांगलोद (नागौर) पीपलूद (बाड़मेर) दधिमति माता दाधीच ब्राह्मणों की कुल देवी है। 3 / 32 केंटेसरी माता किसकी लोकदेवी मानी जाती है? A.E. N. परीक्षा-2013 आदिवासियों की राठौड़ों की कछवाहों की भाटियों की 4 / 32 लोक देवी के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करो-(A) औरंगजेब ने कुष्ठ रोग से मुक्ति की कामना से मंदिर में स्वर्ण 'छत्र' भेंट किया।(B) यह मंदिर तांत्रिक शक्ति पीठ है।(C) यहाँ अखण्ड ज्योति जलती है, जिससे 'काजल शिखर' पर 'काजल' बनाया जाता है।नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए- Asst. Director (Sc.Dep.) 9.7.25 ईडाणा माता जीण माता करणी माता सकराय माता 5 / 32 'चूहों' की देवी के रूप में प्रसिद्ध है? वनरक्षक 2013 पटवार-2011 करणी माता शिला माता नागणेचिया माता शीतला माता करणी माता (बीकानेर) • बीकानेर के राठौड़ों व चारणों की कुल देवी जिनका जन्म सुआप गाँव (फलौदी) में चारण जाति के मेहाजी के यहाँ हुआ। करणी माता के मंदिर में पाये जाने वाले सफेद चूहों को 'काबा' कहा जाता है। मंदिर में हजारों की संख्या में चूहे होने के कारण इन्हें चूहों की देवी के रूप में भी पूजा जाता है। 6 / 32 ज्वाला माता का सुमेलित स्थान है- Assistant Research Ex. 24.11.2020 जोबनेर आबू बांसवाड़ा सरिस्का राष्ट्रीय उद्यान, अलवर 7 / 32 सकराय माता किस जाति की कुलदेवी हैं? CET (स्नातक स्तर) 07.01.2023 नाई सीरवी खण्डेलवाल चारण 8 / 32 करौली रियासत की कुल देवी है? Asst. Jailor 2004 धौला देवी शीला देवी करणी माता कैला देवी 9 / 32 जैसलमेर के भाटी राजपूत जिस देवी की पूजा करते हैं, वह है? II Gr. Sanskrit परीक्षा-2011 आवड़ माता करणी माता नागणेची माता तनोट माता इनका मंदिर तेमड़ी पर्वत पर स्थित है। सुगन चिड़िया को आवड़ माता का स्वरूप माना जाता है। 10 / 32 'सुगन चिड़ी' को किस लोकमाता का स्वरूप माना जाता है? ग्रामसेवक 2016 आवड़ माता सकराय माता कुंजल माता सुंधा माता आवड़ माता को हिंगलाज माता का अवतार माना जाता है, तेमड़ा भाकर (जैसलमेर) में इनका स्थान होने के कारण इन्हें तेमड़ाताई भी कहते हैं। ये जैसलमेर के भाटी राजवंश की कुल देवी है। • जैसलमेर के तेमड़ी पर्वत पर इनका मंदिर है। • लोक परम्परा में सुगन चिड़ी को आवड़ माता का स्वरूप माना जाता है। 11 / 32 छींछ माता का सुमेलित स्थान है- Assistant Research Ex. 24.11.2020 जोबनेर आबू बांसवाड़ा सरिस्का राष्ट्रीय उद्यान, अलवर 12 / 32 राठौड़ राजवंश की कुल देवी का नाम बताइये? कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक 2019 नागणेची आशा माता शाकम्भरी बीजासन नागणेची माता जोधपुर के राठौड़ों की कुल देवी है जिनका मंदिर नगाणा (बालोतरा) में स्थित है। • राठौड़ राजा राव धूहड़ इस मूर्ति को कर्नाटक से लाये और नगाणा गाँव में स्थापित करवाई। • लकड़ी से निर्मित यह मूर्ति 18 हाथ वाली है जिसके प्रत्येक हाथ में शस्त्र है। • नागणेची माता के अन्य मंदिर- 1. मेहरानगढ़ का किला, जोधपुर 2. जूनागढ़, बीकानेर 13 / 32 अधर देवी का सुमेलित स्थान है- Assistant Research Ex. 24.11.2020 जोबनेर आबू बांसवाड़ा सरिस्का राष्ट्रीय उद्यान, अलवर 14 / 32 निम्नलिखित में से कौनसा (लोकदेवी - स्थान) सुमेलित नहीं है? वनरक्षक 13.11.2022 शिला देवी - आमेर आई जी माता - ओसियां शीतला माता - चाकसू दधिमति माता - गोठ मांगलोद 15 / 32 सच्चिया माता कुल देवी है? पटवार-2011 आदिवासियों की नाईयों की बणियों की ओसवालों की सच्चिया माता का मंदिर ओसियां (जोधपुर) में स्थित है। यह ओसवालों की कुल देवी हैं। 16 / 32 नारायणी माता किस जाति की कुलदेवी हैं? CET (स्नातक स्तर) 07.01.2023 नाई सीरवी खण्डेलवाल चारण 17 / 32 आई माता किस जाति की कुलदेवी हैं? CET (स्नातक स्तर) 07.01.2023 नाई सीरवी खण्डेलवाल चारण 18 / 32 जालौर के चौहानों की कुल देवी निम्न में से है- AARO-G.K Ex. 28.8.2022 आशापुरा माता शाकम्भरी माता सकराय माता नागणेची माता आशापुरी माता का मंदिर मोदरां (जसवन्तपुरा तहसील जिला जालौर) में स्थित है, यह जालौर के सोनगरा चौहानों की कुल देवी है। 19 / 32 आवरी माता का मंदिर है? Asst.एग्रीकल्चर ऑफिसर-2013 निकुम्भ पोकरण सिहाड़ तनोट आवरी माता का मंदिर निकुम्भ (चित्तौड़गढ़) में स्थित है यहाँ लकवे का ईलाज होता है। 20 / 32 किस देवी को कभी माँस का भोग नहीं लगाया गया? पटवार-2011 कैला देवी शिला देवी वर्णित दोनों देवियाँ इनमें से कोई नहीं कैला देवी करौली के यदुवंशी राजवंश की कुल देवी है जहाँ कभी मांस का भोग नहीं लगाया जाता। • मंदिर करौली के पास त्रिकूट पर्वत पर स्थित जिसका निर्माण गोपाल सिंह द्वारा करवाया गया। मंदिर के सामने बोहरा की छतरी है। • मंदिर में देवी की आराधना में लांगूरिया गीत गाये जाते हैं प्रतिवर्ष चैत्र शुक्ल अष्टमी को यहाँ लक्खी मेला लगता है। 21 / 32 नारायणी माता का सुमेलित स्थान है- Assistant Research Ex. 24.11.2020 जोबनेर आबू बांसवाड़ा सरिस्का राष्ट्रीय उद्यान, अलवर 22 / 32 सांभर झील में निम्न में से किस देवी का मंदिर स्थित है? RAS Pre. 2015 शीला देवी शाकम्भरी देवी कुंजल माता भवन देवी शाकम्भरी देवी सांभर के चौहानों की कुल देवी है। 23 / 32 अलवर क्षेत्र की लोकदेवी के रूप में किसे मान्यता प्राप्त है? JEN यांत्रिकी-डिप्लोमा, 2022 ग्रामसेवक 2016 सुगाली माता सच्चिया माता लटियाला माता जिलाणी माता जिलाणी माता का मंदिर बहरोड़ (कोटपूतली-बहरोड़) में स्थित है। 24 / 32 जमवाय माता देवी किस राजपरिवार की आराध्य देवी है? पटवार-2011 कछवाहा राठौड़ सिसोदिया भाटी कछवाहा राजवंश की कुल देवी जमवाय माता है जिनका मंदिर जमवारामगढ़ (जयपुर) में स्थित है। 25 / 32 लोक देवी 'जीणमाता' मंदिर स्थित है? II Gr. Sanskrit शिक्षक-2010 झुंझुनूं चूरू अलवर सीकर 26 / 32 जोधपुर के राठौड़ों की कुल देवी, जिसकी 18 भुजायें हैं? II Gr. Maths परीक्षा-2011 नागणेची माता शीतला माता आवरी माता सकराय माता 27 / 32 थार की वैष्णो देवी किसे कहा जाता है? कृषि पर्यवेक्षक-2012 तनोटिया माता करणी माता ज्वाला माता शाकम्भरी माता तनोटिया माता को सैनिकों की देवी भी कहा जाता है। 28 / 32 स्वांगिया माता किस क्षेत्र के शासकों की कुल देवी थी? बी.एड. परीक्षा-2003 जैसलमेर उदयपुर जयपुर करौली 29 / 32 निम्नलिखित युग्मों में से कौन सा (लोकदेवी - प्रमुख मंदिर) असंगत युग्म है? JEN सिविल-डिप्लो., 18.5.2022 ब्राह्मणी माता - सोरसेन (बारां) नारायणी माता - राजगढ़ (अलवर) आवरी माता - आसावरा (चित्तौड़गढ़) जिलाणी माता - जसोल (बाड़मेर) 30 / 32 बिलाड़ा का संबंध किस लोक देवी से है? वन रक्षक 12.11.2022 सकराय माता करणी माता आई माता जीण माता आई माता सिरवी जाति की कुल देवी है, जिनका मंदिर बिलाड़ा (जोधपुर) में स्थित है। • आई माता रामदेव जी की शिष्या थीं। • इनका मंदिर नीम के पेड़ के नीचे होता है, इनके मंदिर को 'दरगाह' तथा समाधि को 'बडेर' कहा जाता है। • हर माह की शुक्ल पक्ष की द्वितीया को इनकी पूजा होती है व इनके दीपक से केसर टपकता है। 31 / 32 सुंधा माता का मंदिर स्थित है? II Gr. Eng. परीक्षा-2011 जालौर बालोतरा बाड़मेर पाली 32 / 32 जीणमाता कौनसे राजपूत वंश की कुल देवी है? II Gr. Science परीक्षा-2011 चौहान वंश गुहिल सिसोदिया राठौड़ जीणमाता का मंदिर सीकर जिले के रेवासा ग्राम में हर्ष पर्वत पर स्थित है। इस मंदिर में देवी की अष्ट भुजा प्रतिमा स्थापित है जो एक बार में ढाई प्याले शराब का पान करती थी। अगर लीडरबोर्ड (रिजल्ट) में आपका नाम चाहते हैं, तो निम्न जानकारी फिल कर सकते हैं। आपका केवल नाम सार्वजनिक होगा, ई-मेल और मोबाइल नंबर गोपनीय रहेगा। आप हर बार एक ही नाम और ईमेल का प्रयोग करें, ताकि हर बार अंक आपके स्कोरबोर्ड में ही काउंट हो। Your score isThe average score is 0% 0%