राजस्थान की हस्तकला: Full Test September 23, 2026 राजस्थान की हस्तकला: Full Test 1 / 148 राजस्थान में कमल पुष्प के छापे से बनी ओढ़नी को किस नाम से जाना जाता है? स्कूल व्याख्याता 2025 पोमचा पतंगा लहरिया चुनड़ी 2 / 148 कलाओं के प्रोत्साहन के लिए, 1857 ई. में 'महाराजा स्कूल ऑफ आर्ट्स एण्ड क्राफ्ट्स' की स्थापना किसने की थी? CET (स्नातक स्तर) 2023 REET सामा. विज्ञान 2022 सवाई जय सिंह ने सवाई राम सिंह II ने सवाई माधो सिंह ने सवाई प्रताप सिंह ने 3 / 148 नमदा के लिए कौनसा स्थान प्रसिद्ध है? CET (10+2) Ex. 2023 पुलिस परीक्षा 2022 जयपुर बीकानेर बाड़मेर टोंक ऊन को कूट कर उसे जमाकर जो वस्त्र बनाए जाते हैं, उसे नमदा कहते हैं। राजस्थान का टोंक नमदों के लिए प्रसिद्ध है। 4 / 148 चाँदी के आभूषणों की तारकशी के लिए राजस्थान का कौनसा स्थान प्रसिद्ध है? वनपाल 2022 अध्यापक भर्ती (अंग्रेजी) 2023 प्रतापगढ़ जालौर खण्डेला नाथद्वारा चाँदी के तारों को गूँथकर बनाए गए आभूषण तारकशी के जेवर कहलाते हैं। तारकशी के जेवर नाथद्वारा व जयपुर के प्रसिद्ध हैं। 5 / 148 निम्नलिखित में से कौनसा (हस्तशिल्प - स्थान) सुमेलित नहीं है? JEN यांत्रिकी-डिग्री 2022 दाबू प्रिन्ट - आकोला गांव (चित्तौड़गढ़) अजरक प्रिन्ट - बाड़मेर उस्ता कला - बीकानेर जट पट्टी - नागौर 6 / 148 उस्ताद कहलाने वाले चित्रकारों ने भित्ति चित्र किस नगर में बनाए हैं? वनरक्षक परीक्षा 2022 चूरू अजमेर जोधपुर बीकानेर 7 / 148 शिल्पग्राम कहाँ स्थित है? Assistant Research Officer Ex. 2020 उदयपुर जोधपुर बीकानेर बाड़मेर हस्तशिल्प व्यवसाय व लोक कलाओं को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान में शिल्पग्राम की स्थापना की गई। राज्य में स्थित शिल्पग्राम- 1. हवाला (उदयपुर), 2. पाल (जोधपुर), 3. पुष्कर (अजमेर), 4. रामसिंहपुरा (सवाई माधोपुर)। 8 / 148 निम्नलिखित में से कौनसा युग्म सुमेलित नहीं है? पटवारी परीक्षा 2021 SI Ex. 2018 थेवा कला - प्रतापगढ़ मीनाकारी - जयपुर अजरक प्रिंट - सांगानेर टेराकोटा शिल्प - मोलेला 9 / 148 सूची-I में लोक कला को सूची-II में संबंधित सामग्री से मिलान कीजिए- सूची-I(लोक कला) सूची-II(संबंधित सामग्री) A.पाने (i)रंग B.फड़ (ii)लकड़ी C.मांडणा (iii)पेपर D.कावड़ (iv)कपड़ा नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए- कनिष्ठ अनुदेशक 2025 A-(iv), B-(iii), C-(ii), D-(i) A-(i), B-(iii), C-(iv), D-(ii) A-(iii), B-(iv), C-(i), D-(ii) A-(ii), B-(i), C-(iv), D-(iii) 10 / 148 मारवाड़ में ................... को 'बागुड़िया' कहा जाता था- Asst. Pro. (History) 2024 लकड़ी के खिलौने हाथीदाँत के खिलौने पत्थर के दैनिक उपयोग के बर्तन अनाज भरने के मृद्भाण्ड 11 / 148 निम्न में से कौनसा जोड़ा सुमेलित नहीं है? जेल प्रहरी 2017 मसूरिया साड़ी - कोटा संगमरमर पर नक्काशी - टोंक बादला - जोधपुर नमदा - टोंक बादला- जोधपुर, नमदा- टोंक, संगमरमर पर नक्काशी- जयपुर में की जाती है। 12 / 148 कठपुतलियों का निर्माण मुख्य रूप से कहाँ होता है? Asst. एग्रीकल्चर ऑफीसर 2013 उदयपुर जोधपुर फलौदी दौसा कठपुतली निर्माण के लिए उदयपुर प्रसिद्ध है। अन्य स्थान - बस्सी (चित्तौड़गढ़), जयपुर। 13 / 148 दाबू प्रिंट के लिए कौनसा स्थान प्रसिद्ध है? CET (10+2) 2023 गाँव आकोला गाँव मोलेला प्रतापगढ़ हरजी गाँव दाबू प्रिंट- रंगाई छपाई में जिस स्थान पर रंग नहीं चढ़ाना होता है, उसे लेई या लुगदी से दबा देते हैं। यही लुगदी/लेई दाबू कहलाती है। आकोला की छपाई के घाघरे प्रसिद्ध हैं। सवाई माधोपुर में मोम का, बालोतरा में मिट्टी का, सांगानेर व बगरू में गेहूँ के बींधण का तथा आकोला (चित्तौड़गढ़) में मिट्टी व गोंद का दाबू लगाया जाता है। 14 / 148 नागौर का 'बू' गाँव किस कलात्मक कार्य के लिए प्रसिद्ध है? पटवारी परीक्षा 2021 JEN मैकेनिकल Non TSP 2014 जूट पट्टी कच्ची मिट्टी के खिलौने मोटी सूती शॉल हस्त निर्मित कागज नागौर जिले का 'बू-नरावत' गाँव मिट्टी के खिलौने, गुलदस्ते, गमले, पक्षियों की कलाकृतियों के काम के लिए प्रसिद्ध है। 15 / 148 राजस्थान की किस रियासत और विशेष रूप से कौन-से शासक ने ब्लू पॉटरी को संरक्षण दिया? CET (स्नातक स्तर) 2023 JEN (यांत्रिकी डिप्लोमा) 2022 जयपुर, सवाई प्रताप सिंह जयपुर, सवाई रामसिंह मेवाड़, महाराणा फतेह सिंह मेवाड़, महाराणा सज्जन सिंह चीनी मिट्टी के बर्तनों (नीले, हरे और अन्य रंग) पर की जाने वाली चित्रकारी को पॉटरी कहा जाता है, जिसका उद्भव पर्शिया (ईरान) से माना जाता है। चीनी मिट्टी के बर्तनों पर नीले रंग की चित्रकारी को ब्लू पॉटरी कहा जाता है जिसे पूर्व में कामचीनी के नाम से भी जाना जाता था। जयपुर में ब्लू पॉटरी की शुरुआत महाराजा रामसिंह के काल में हुई। महाराजा रामसिंह इस कला को लाहौर से जयपुर लाये। दिल्ली निवासी भोला नामक व्यक्ति ने ब्लू पॉटरी का कार्य चूड़ामन व कालुराम को सिखाया, जिन्हें बाद में महाराजा रामसिंह ने स्कूल ऑफ आर्ट्स में काम सिखाने के लिए नियुक्त किया। ब्लू पॉटरी जयपुर की प्रसिद्ध है। 16 / 148 निम्नलिखित में से कौन-सी कपड़े के विभिन्न टुकड़ों से सुंदर और सजावटी वस्तुएँ बनाने की प्राचीन तकनीक है? पुलिस परीक्षा 2022 आरी (Aari) ऐप्लीक (Applique) जरदोजी (Zardozi) कचो (Kacho) 17 / 148 'मांडना' एक पारंपरिक लोक कला है- पशुपरिचर-2024 राजस्थान की केरल की गोवा की महाराष्ट्र की 18 / 148 कौनसा वित्तीय संस्थान राजस्थान के हस्तशिल्प के विकास के लिए उत्तरदायी है? वन रक्षक 2022 राजसीको रीको राजस्थान वित्त निगम रूडकोर राजसीको की स्थापना 3 जून, 1961 को की गई। राजसीको हस्तशिल्प वस्तुओं के विपणन एवं लोकप्रिय बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। राजसीको हस्तशिल्प वस्तुओं का विपणन राजस्थली शोरूम के माध्यम से करता है। 19 / 148 बकरी के बालों से जूट की पट्टियाँ बनाने का मुख्य केन्द्र कहाँ है? Raj. Police L-2 2024 जसोल (बाड़मेर) दूदू (जयपुर) खेतड़ी (झुंझुनूं) गंगापुर (भीलवाड़ा) बकरी के बाल से ऊनी दरियों का निर्माण करना जटपट्टी उद्योग कहलाता है। जसोल (बालोतरा) जटपट्टी उद्योग के लिए प्रसिद्ध है। 20 / 148 काली मिट्टी के बर्तनों के लिए कौनसा स्थान प्रसिद्ध है? CET (10+2) 2023 चित्तौड़गढ़ जयपुर बांसवाड़ा सवाई माधोपुर काली मिट्टी के बर्तनों के लिए सवाई माधोपुर का 'श्यामोता' गांव प्रसिद्ध है। कागजी टेराकोटा अलवर व सुनहरी टेराकोटा बीकानेर की प्रसिद्ध है। 21 / 148 जोधपुर का प्रसिद्ध 'बादला' निम्न में से क्या है? CET (10+2) Ex. 2023 पुलिस 2018 लकड़ी का मंदिर जस्ते से बना पानी का पात्र जरी साड़ी पोमचा जोधपुर में धातु [जस्ते] से बनी पानी की बोतल जिस पर कपड़े या चमड़े की परत को लपेटा जाता है, जो पानी को ठण्डा रखने के काम आती है। 22 / 148 निम्नलिखित में से कौनसा युग्म सुमेलित नहीं है? SI Ex. 2018 थेवा कला - प्रतापगढ़ मीनाकारी - जयपुर अजरक प्रिंट - सांगानेर टेराकोटा - मोलेला अजरक प्रिंट का संबंध सांगानेर से न होकर बाड़मेर से है। 23 / 148 कोटा डोरिया साड़ी का एक अन्य नाम है- 4th Gr. Ex. 2025 कोटा गोटा पट्टी साड़ी कोटा बनारस साड़ी कोटा कॉटन साड़ी कोटा मसूरिया साड़ी 24 / 148 गेहूँ के बींधण का प्रयोग दाबू के लिए कहाँ होता है? वनरक्षक परीक्षा 2013 बगरू सवाई माधोपुर टोंक बाड़मेर 25 / 148 'थेवा कला' के लिए प्रसिद्ध परिवार कौनसा है? CET (10+2) Ex. 2023 गहलोत परिवार शेखावत परिवार सोनी परिवार खण्डेलवाल परिवार 26 / 148 राजस्थान में पाई जाने वाली उस्ता कला क्या है? पुलिस परीक्षा 2022 संगमरमर के पत्थर पर पच्चीकारी चौकोर चेक पैटर्न में कपास और रेशम का मिश्रण संगमरमर के पत्थर पर मीनाकारी ऊँट के चमड़े पर सोने की मीनाकारी ऊँट की खाल पर सुनहरी नक्काशी करने की कला को उस्ता कला/मुनव्वती कला कहा जाता है। राजस्थान में यह कला बीकानेर के शासक रायसिंह व अनूपसिंह द्वारा लाहौर से बीकानेर लाई गई। ऊँट की खाल के कुप्पों पर उस्ता का काम बीकानेर में होता है। 27 / 148 निम्नलिखित में से कौन राजस्थान में थेवा कला की परम्परा से जुड़ा है? JEN (यांत्रिकी विद्युत डिप्लोमा) 2025 प्रदीप मुखर्जी महेश सोनी श्री लाल जोशी घनश्याम निम्बार्क 28 / 148 'जाजम और अजरक' हस्तशिल्प कला की किस श्रेणी के अंतर्गत आते हैं? सर्वेयर 2025 छपाई और रंगाई धातु का काम काँच का काम लाख की चूड़ियाँ 29 / 148 कोफ्तगिरी, राजस्थान का पारंपरिक शिल्प, एक प्रकार की सजावट है जिसकी उत्पत्ति भारत में --------- के साथ हुई है? पुलिस परीक्षा 2022 गुप्तों मराठों मुगलों सिंधियाओं फौलाद/लोहे/स्टील की बनी वस्तुओं पर सोने के पतले तारों से जड़ाई का काम कोफ्तगिरी कहलाता है। कोफ्तगिरी का कार्य उदयपुर, जयपुर व अलवर का प्रसिद्ध है। यह कला दमिश्क से लाई गई। 30 / 148 बीकानेर के 'लहरिये व मोण्डे' प्रसिद्ध हैं, तो सांगानेर के- पटवार परीक्षा 2011 अजरक प्रिंट सांगानेरी प्रिंट जाजम कशीदाकारी सांगानेरी प्रिंट लट्ठा या मलमल पर विभिन्न डिजाइनों की छपाई की जाती है। सांगानेरी प्रिंट की छपाई के प्रमुख छापे मींडकी, अशर्फी, बैबून्दी, धनिया आदि हैं। इसमें लाल व काले रंग की प्रधानता होती है। सांगानेर में छपाई का कार्य करने वाले छीपे नामदेवी छीपे कहलाते हैं। सांगानेरी प्रिंट कला का सर्वाधिक विकास सवाई जयसिंह के काल में हुआ। 1803 ई. में सर जॉर्ज वाट ने अपनी पुस्तक 'इण्डियन आर्ट ऐट देहली' में इसका उल्लेख किया है। मुन्नालाल गोयल ने इसे विश्व प्रसिद्धि दिलाई। 31 / 148 सुमेलित कीजिए- सूची-I(हस्तशिल्प उत्पाद) सूची-II(स्थान) 1.बादला (i)जयपुर 2.नमदा (ii)लेटा 3.पाव रजाई (iii)जोधपुर 4.खेसला (iv)टोंक नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए- CET (स्नातक स्तर) 2023 1-(iii), 2-(iv), 3-(i), 4-(ii) 1-(iv), 2-(iii), 3-(i), 4-(ii) 1-(iii), 2-(iv), 3-(ii), 4-(i) 1-(iv), 2-(iii), 3-(ii), 4-(i) 32 / 148 लप्पा, लप्पी, किरण और गोखरू क्या हैं? कनिष्ठ अनुदेशक 2022 राजस्थानी फिल्म 'सासू माँ' में किरदार गोटा की विभिन्न किस्में शेरवानी के नाम अधिक उपज देने वाले कीट (किडनी, बीन फंजियोलस एक्रोनाइट फोलियस) की किस्में वस्त्रों पर गोटा लगाने के तरीके- गोखरू- गोटे को मोड़कर तिकोने डिजाइन में बनाया गया फूल; लप्पा- आँचल में लगाया गया चौड़ा गोटा; लप्पी- आँचल में लगाया गया कम चौड़ाई का गोटा; मुकेश- सूती या रेशमी कपड़े पर छोटी-छोटी बादले से बिंदकी की कढ़ाई; बिजिया- गोटे से बने फूल; चम्पाकली- गोटे से बनी बेल; लहर गोटा- खजूर की पत्तियों के आकार का गोटा; बांकली- तार बादले से बनी बेल जिसे दुपट्टों व पोशाकों पर लगाया जाता है; किरण- बादले की झालर जिसे नवविवाहिता की साड़ी के आँचल और घूँघट वाले हिस्से में लगाया जाता है। प्रमुख केन्द्र- खण्डेला [सीकर], भिनाय [अजमेर]। 33 / 148 राजस्थान में लेटा, मांगरोल एवं सालावास किसके लिए जाने जाते हैं? ग्रामसेवक परीक्षा 2013 कपड़े की मदों की बुनाई के लिए कपड़े की मदों की छपाई के लिए महिलाओं के लिए चमड़े की जूती निर्माण के लिए लकड़ी के खिलौनों के निर्माण के लिए 34 / 148 मथेरण किस जिले की प्रसिद्ध लोक कला है? पुलिस कांस्टेबल 2013 जोधपुर चूरू बीकानेर उदयपुर बीकानेर के मथेरणा [जैन] परिवार के लोग अपने-अपने घरों के आगे शादी व त्यौहारों पर विभिन्न देवी-देवताओं के सुंदर भित्ति चित्र बनाते हैं और उन्हें विभिन्न रंगों से सजाते-संवारते हैं। इस कला को मथेरणा कला कहा जाता है। मथेरणा कला को सर्वाधिक प्रोत्साहन अनूपसिंह ने दिया। प्रमुख कलाकार- चन्दू, मुन्नालाल एवं मुकुन्द। 35 / 148 कलाकार जो बीकानेर के प्रसिद्ध मथेरण परिवार से संबंधित हैं- टेस्टिंग ऑफिसर 2021 मुन्नालाल एवं मुकुन्द अहमद अली एवं शाह मोहम्मद नारायण दास एवं बिशन दास रामनाथ एवं मनोहर 36 / 148 ऊँट की खाल पर स्वर्ण मीनाकारी (सोने-चाँदी से कलात्मक अंकन) और मुनव्वती कला का कार्य ............ के नाम से जाना जाता है- कनिष्ठ अनुदेशक (वायरमैन) 2025 कृषि पर्यवेक्षक 2012 RAS Pre 2001 मीनाकारी थेवा कला उस्ता कला लाख कला 37 / 148 'बांधो और रंगो' कला के लिए राजस्थान में कौनसा स्थान प्रसिद्ध है? कनिष्ठ अभियंता (यांत्रिक/विद्युत) डिग्री 2020 जोधपुर नाथद्वारा बाड़मेर जयपुर 38 / 148 मलीर प्रिंट का संबंध किससे है? द्वितीय श्रेणी शिक्षक [हिन्दी] 2011 बूँदी से सांगानेर से उदयपुर से बाड़मेर से 39 / 148 राजस्थान के प्रतापगढ़ की कौनसी कला प्रसिद्ध है, जिसमें काँच के बीच में सोने का बारीक काम किया जाता है? JEN (यांत्रिकी विद्युत डिप्लोमा) 2025 पटवा आरी तारी थेवा कला मोलेला 40 / 148 मीनाकारी की कला राजस्थान में सर्वप्रथम किसके द्वारा लाई गई? महिला सुपरवाइजर 2015 Asst. Jailor 2016 गजसिंह मानसिंह-प्रथम जसवंत सिंह जयसिंह मीनाकारी की कला को सर्वप्रथम आमेर के महाराजा मानसिंह प्रथम द्वारा लाहौर से आमेर लाया गया, जिसमें हरिसिंह, अमरसिंह, किशनसिंह, गोभासिंह व श्यामसिंह प्रमुख कलाकार थे। राज्य में विभिन्न प्रकार की मीनाकारी का कार्य- पीतल पर मीनाकारी- जयपुर व अलवर; चाँदी पर मीनाकारी- नाथद्वारा (राजसमंद); ताँबे पर मीनाकारी- भीलवाड़ा; सोने पर मीनाकारी- प्रतापगढ़; मार्बल पर मीनाकारी- जयपुर; कागज जैसे पतले पत्थर पर मीनाकारी करने में बीकानेर के कलाकार सिद्धहस्त होते हैं। 41 / 148 कौनसा (हस्तशिल्प - स्थान) सही सुमेलित नहीं है? V.D.O. मुख्य परीक्षा 2022 बंधेज (टाई एंड डाई) - जयपुर मसूरिया साड़ी - कैथून लकड़ी के खिलौने - बस्सी तारकशी का काम - उदयपुर 42 / 148 राजस्थान की कौनसी पारम्परिक कपड़ा रंगाई तकनीक से लम्बे समय तक सुगंधित रहने वाले कपड़े/वस्त्र का उत्पादन किया जाता था? सांख्यिकी अधिकारी 2021 अमोवा मलयगिरि पोमचा सांगानेरी 43 / 148 हथकरघा उद्योग के लिए निम्न में से कौनसा स्थान प्रसिद्ध है? अध्यापक [उर्दू] Ex. 2023 सांगानेर टोंक ब्यावर मांगरोल 44 / 148 निम्न में से कौनसा स्थान 'कागजी' नामक बर्तनों के निर्माण के लिए प्रसिद्ध है? Research Asst. 2025 जयपुर सीकर अलवर बयाना कागजी पॉटरी में चीनी मिट्टी से कागज के समान पतले पात्रों का निर्माण किया जाता है, जिसमें रंगों का आकर्षक संयोजन होता है। अन्य नाम - डबलकट वर्क पॉटरी। 45 / 148 राजस्थान में सीकर का कौनसा शहर गोटा उद्योग का प्रसिद्ध केन्द्र है? पटवार 2025 CET (स्नातक) 2024 CET (10+2) 2024 महिला पर्यवेक्षक 2024 खण्डेला नीमकाथाना 1 व 2 दोनों इनमें से कोई नहीं 46 / 148 निम्नलिखित में से कौनसा राजस्थान का प्रसिद्ध हस्तशिल्प कार्य नहीं है? JEN (यांत्रिकी विद्युत डिग्री) 2025 थेवा गोल्ड लीफ वर्क कृष्णनगर की गुड़ियाएँ बांधनी नीली चमकीली मिट्टी के बर्तन 47 / 148 निम्नलिखित में से कौनसा (कला-प्रमुख केन्द्र) युग्म सुमेलित नहीं है? कनिष्ठ अनुदेशक 2022 थेवा - सीकर गलीचा निर्माण - जयपुर अजरक प्रिन्ट - बाड़मेर कठपुतली - उदयपुर 48 / 148 किस लोककला के निर्माण का पुश्तैनी व्यवसाय केवल चित्तौड़गढ़ जिले के ग्राम बस्सी में ही देखा जाता है? कनिष्ठ अनुदेशक 2022 फड़ सांझी व्हील कावड़ कावड़ मंदिरनुमा एक काष्ठ कलाकृति होती है जिसमें अनेक दरवाजे होते हैं। सभी दरवाजों पर चित्र अंकित होते हैं। कावड़ लाल रंग से रंगी जाती है व उसके ऊपर फिर काले रंग से पौराणिक कथाओं को चित्रित किया जाता है। कावड़ निर्माण के कलाकार- मांगीलाल मिस्त्री व द्वारिका प्रसाद जांगिड़। कावड़ वाचन- कावड़िया भाट। लयबद्ध गीतों और पद्य ढंग से रामायण, महाभारत व श्रीकृष्ण की लीलाओं का वाचन करता है तथा वाचन के साथ-साथ कावड़ के विभिन्न कपाटों को खोलता जाता है। कावड़ बनाने का कार्य बस्सी, चित्तौड़ में खरादी जाति के लोग करते हैं। बस्सी में गणगौर, बेवाण व कावड़, कठपुतली, तोरण व लकड़ी की अन्य कलाकृतियाँ बनती हैं। प्रभात सुथार- बस्सी में काष्ठ कला के जन्मदाता। प्रमुख कलाकार- मांगी लाल सुथार, द्वारिका प्रसाद जांगिड़, सत्यनारायण सुथार। 49 / 148 बाड़मेर ब्लॉक मुद्रित कपड़े का एक और नाम क्या है?अथवाबाड़मेर प्रिंट अपने बोल्ड ज्यामितीय पैटर्न के लिए जाने जाते हैं, जिन्हें कहा जाता है- RPSC प्रवक्ता (तकनीकी शिक्षा विभाग) 2021 पटवार 2025 बादला अजरक फड़ पिछवाई 50 / 148 'बेवाण' कला किससे सम्बन्धित है? अध्यापक भर्ती (अंग्रेजी) Ex. 2023 प्रस्तर मूर्ति कला से आँगन-चित्रण से मृण कला से काष्ठ कला से 51 / 148 राजस्थान में कोफ्तगिरी के काम के लिए कौनसे शहर प्रसिद्ध हैं? संगणक परीक्षा 2018 कोटा व बूँदी अलवर एवं जयपुर झालरापाटन व बाराँ बीकानेर एवं जोधपुर 52 / 148 उस्ता कला के विकास के लिए 'उस्ता कैमल हाइड केन्द्र' की स्थापना 1975 में कहाँ की गई? JEN Agri. 2022 जैसलमेर बीकानेर नागौर बाड़मेर राजस्थान सरकार ने उस्ता कला के विकास के लिए 15 अगस्त, 1975 को अखिल भारतीय हस्तशिल्प कला मण्डल नई दिल्ली के सहयोग से बीकानेर में उस्ता कैमल हाइड ट्रेनिंग सेन्टर की स्थापना की। 53 / 148 टेराकोटा पद्धति से विभिन्न देवी-देवताओं की मूर्तियाँ बनाया जाने वाला स्थल मोलेला किस जिले में स्थित है? वनरक्षक परीक्षा 2013 सीकर चूरू राजसमंद बाड़मेर 54 / 148 'भरत', 'सूफ', 'हुरमजी', 'आरी' किससे संबंधित हैं? यांत्रिकी डिप्लोमा 2016 पीतल नक्काशी गलीचा व दरी उद्योग ब्लू पॉटरी कढ़ाई व पेचवर्क रंग-बिरंगे धागों से वस्त्र पर कलात्मक चित्रण करना कढ़ाई या कशीदाकारी कहलाता है। राजस्थान की कशीदाकारी में हाथी, मोर, कमल एवं ऊँट का चित्रांकन किया जाता है। कशीदाकारी के प्रमुख स्थान- जयपुर, जोधपुर, अजमेर, उदयपुर व कोटा। राजसीको के प्रशिक्षण केन्द्र- बस्सी (चित्तौड़गढ़), धरियावाद (चित्तौड़गढ़), उमरगाँव (बूँदी)। विभिन्न रंग के कपड़ों के टुकड़े काटकर कपड़ों पर विविध डिजाइनों से सिलना पेचवर्क कहलाता है। शेखावाटी का प्रसिद्ध भरत, सूफ, हुरमजी आदि शब्द कढ़ाई व पेचवर्क से संबंधित हैं। 55 / 148 राजस्थान में ब्लू पॉटरी किस स्थान का पारंपरिक शिल्प है? पटवार 2025 पुलिस परीक्षा 2022 REET Main's (English) Ex. 2023 जयपुर अकोला किशनगढ़ बालोतरा 56 / 148 नमदा राजस्थान का एक स्थानीय शब्द है। यह एक प्रकार का ऊनी कपड़ा है जिसका उपयोग फर्श कवरिंग के लिए किया जाता है और इसका उत्पादन मुख्यतः टोंक में होता है। नमदा बनाने की कला राजस्थान की नहीं है। इसे ........ से आयातित माना जाता है? पुलिस परीक्षा 2022 ईरान अफगानिस्तान रूस चीन 57 / 148 मांगीलाल मिस्त्री का संबंध किस कला से है? CET (10+2) 2024 रावणहत्था शहनाई कावड़ पुंगी 58 / 148 निम्नलिखित में से कौनसा जोड़ा गलत है? वनरक्षक 2022 नमदा - टोंक बादला - जयपुर मसूरिया साड़ी - कोटा संगमरमर की नक्काशी - टोंक 59 / 148 कौनसी संस्था कठपुतली कला के राजस्थान में संरक्षण-संवर्धन में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका के लिए जानी जाती है? सहायक कृषि अधिकारी 2018 इंडियन आर्ट पैलेस, दिल्ली शार्दूल राजस्थानी रिसर्च इन्स्टीट्यूट, बीकानेर भारतीय लोक कला मण्डल, उदयपुर राजस्थानी शोध संस्थान, जोधपुर राज्य में कठपुतली संग्रहालय- बागौर की हवेली, उदयपुर; भारतीय लोक कला मण्डल, उदयपुर (1952 में स्थापित); शिल्पग्राम, उदयपुर। कठपुतली कला को प्रसिद्धि दिलाने वाले कलाकार - देवीलाल सामर। 60 / 148 कौनसा समुदाय पारंपरिक रूप से फड़ चित्रों से कथाएँ सुनाने से जुड़ा हुआ है? 4th Gr. Ex. 2025 REET Main's (Sanskrit) Ex. 2023 कालबेलिया लंगा मांगणियार भोपा 61 / 148 राजस्थान में मिट्टी (टेराकोटा) की मूर्ति बनाने का मुख्य कला केन्द्र कौनसा है? Asst. Pro. (History) 2024 स्टेनोग्राफर परीक्षा 2021 मोलेला (राजसमंद) कैथून बगरू सांगानेर पक्की मिट्टी का उपयोग करके मूर्तियाँ बनाने की कला को टेराकोटा कहते हैं। राजसमंद जिले के नाथद्वारा के पास स्थित मोलेला गाँव के कुम्हार जाति के लोग टेराकोटा कला में दक्ष हैं। मोलेला गाँव की टेराकोटा कला की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें आकृतियाँ बनाते समय साँचों या औजारों का प्रयोग नहीं किया जाता है। मिट्टी में चावल की भूसी व गधे का गोबर मिलाकर उसको जमीन पर थापा जाता है फिर उस पर विभिन्न आकृतियाँ उकेरी जाती हैं। सूखने के पश्चात उसे पकाया जाता है। राजसमंद में नाथद्वारा के पास स्थित मोलेला गाँव व भू-नरावत [नागौर] इस कला के लिए प्रसिद्ध हैं। बड़ोपल [हनुमानगढ़] के तीसरी शताब्दी के अति सुंदर टेराकोटा बीकानेर संग्रहालय में सुरक्षित हैं। जालौर जिले के हरजी गाँव में कुम्हार मामाजी के घोड़े मिट्टी के बनाते हैं। मोहनलाल कुम्हार को इस कला के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। 62 / 148 निम्न में से कौनसी संस्था कठपुतली कला के राजस्थान में संरक्षण-संवर्धन में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका के लिए जानी जाती है? सुपरवाइजर (महिला अधिकारिता) 2019 भारतीय लोक कला मण्डल, उदयपुर इंडियन आर्ट पैलेस, दिल्ली शार्दूल राजस्थानी रिसर्च इंस्टीट्यूट, बीकानेर राजस्थानी शोध संस्थान, जयपुर 63 / 148 राजस्थान राज्य बजट 2025-26 के अनुसार "ब्लॉक प्रिंटिंग जोन" की स्थापना कहाँ की जाएगी? 4th Gr. Ex. 2025 बगरू सीकर सांगानेर जोधपुर 64 / 148 -------- अपने बहुआयामी रूपों जैसे ऊँट की खाल पर मीनाकारी, स्वर्ण मीनाकारी और महलों और हवेलियों में चित्रों [उस्ता कला] के लिए विश्व प्रसिद्ध है? 4th Gr. Ex. 2025 पशुधन सहायक 2022 बीकानेर जोधपुर गंगानगर उदयपुर 65 / 148 महेश सोनी, रामप्रसाद और बेनीराम सोनी राजस्थान की किस कला के प्रमुख कलाकार हैं? कनिष्ठ अनुदेशक (प्लम्बर) 2025 उस्ता कला थेवा कला मीनाकारी कला मांडणा कला 66 / 148 'मोती भारत' किस जिले में पारंपरिक कढ़ाई का काम है? Librarian 2022 पाली सीकर बूँदी जालौर मोती भारत कढ़ाई जालौर जिले की कला है। यह कला अपने चमकदार मोतियों के लिए जानी जाती है। विभिन्न आकार, रंग और प्रकार के मोतियों का उपयोग करके फूलों, बेलों, पक्षियों और जानवरों की डिजाइन बनाई जाती है। मोती भारत कढ़ाई का उपयोग करके विभिन्न प्रकार के कपड़ों और वस्तुओं को सजाने में किया जाता है। 67 / 148 मोलेला ग्राम किस हस्तशिल्प कला के लिए प्रसिद्ध है? अध्यापक [उर्दू] Ex. 2023 कपड़े पर छपाई ब्लू पॉटरी टेराकोटा आभूषण 68 / 148 कठपुतली निर्माण में मूलतः किस लकड़ी का प्रयोग किया जाता है? संरक्षण अधिकारी 2025 आम जामुन आड़ू बबूल 69 / 148 'मसूरिया' प्रसिद्ध हस्तकला कहाँ की है? RPSC हॉस्पिटल केयर टेकर Ex. 2023 सीकर की बीकानेर की कोटा की जोधपुर की सूती धागे के साथ रेशमी धागों व जरी के काम से युक्त साड़ी को कोटा डोरिया/मसूरिया साड़ी कहते हैं। 1716 ई. में कोटा रियासत के दीवान झाला जालिम सिंह ने मैसूर से कुछ बुनकरों (प्रमुख महमूद मसूरिया) को यहाँ बुलाकर साड़ी बनाने का काम शुरू किया। महमूद मसूरिया के नाम पर साड़ी का नाम मसूरिया साड़ी पड़ा। कोटा डोरिया/मसूरिया साड़ी के लिए कैथून (कोटा) व मांगरोल (बाराँ) प्रसिद्ध हैं। 70 / 148 कावड़ कला के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौनसा कथन सही नहीं है? Asst. Pro. (History) 2024 यह ले जाने योग्य मंदिर नहीं है। प्रत्येक पैनल में एक चित्रित आख्यान है। बस्सी गाँव का सत्यनारायण सुथार इसका प्रसिद्ध चित्रकार है। कावड़ आम और सेमल के पेड़ की लकड़ी से बनाई जाती है। 71 / 148 मोजरी का संबंध किससे है? पुलिस परीक्षा 2022 चित्रकारी कालीन जूते आभूषण जूतियों के प्रकार- पगरखी, कंटारखी, मोजड़ी [जोधपुर के चमड़े की जूतियाँ], लिगतरा, जरदो, बिनोटा/बिंदोला [दूल्हे की जूतियाँ], अदारणी, सलीपट, सलेमशाही [मुगलों के जमाने की तीखी नोक वाली जूतियाँ], डेढ़र [जैसलमेरी], नांगरा [जयपुर], पनौती, सपाटा। बडू [नागौर] में UNDP द्वारा कशीदे वाली जूतियों के लिए परियोजना संचालित है। मोहम्मद खलील- राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित। 72 / 148 नीचे दिए गए युग्मों में से कौनसा युग्म सही है? व्याख्याता (तकनीकी शिक्षा) 2021 सोने का काम हरी मीनाकारी के साथ - नाथद्वारा लकड़ी के खिलौने - कोटा चंदन प्रिंटिंग - प्रतापगढ़ पत्थर के खिलौने - गलियाकोट सोने की मीनाकारी- जयपुर, लकड़ी के खिलौने- बस्सी (चित्तौड़गढ़), चंदन प्रिंटिंग- जयपुर। गलियाकोट (डूंगरपुर) रमकड़ा उद्योग के लिए प्रसिद्ध है। सोप स्टोन/घीया पत्थर से मूर्तियाँ बनाने की कला रमकड़ा उद्योग कहलाती है। 73 / 148 राजस्थान का 'राज-सोनी' परिवार आभूषण निर्माण की निम्नलिखित में से किस कला से संबंधित है? पुलिस परीक्षा 2022 कुंदन कार्य मीनाकारी पटवा थेवा 74 / 148 जीरोही, भाकला, गंदहा किस उद्योग के नाम हैं? पशुधन सहायक 2016 जटपट्टी पेचवर्क मीनाकारी ब्लू पॉटरी जट पट्टियाँ बकरी के बालों से बनी होती हैं। बालोतरा का जसोल बकरी के बालों से बनने वाली जटपट्टियों की बुनाई का केन्द्र है, जहाँ कुम्हारों के मारूगोत्र के लोग इस काम में लगे हुए हैं। जट पट्टी उद्योग को जीरोही, भाकला व गंदहा नाम से भी जाना जाता है। 75 / 148 कावड़ बनाने के लिए कौन प्रसिद्ध है? वन रक्षक 2022 उस्ताद लालचन्द मांगीलाल मिस्त्री साहिबराम चम्पालाल 76 / 148 स्व. हिसामुद्दीन किस हस्तशिल्प के सिद्धहस्त कलाकार थे? बेसिक कम्प्यूटर अनुदेशक 2022 थेवा कला उस्ता कला जट पट्टी कला मीनाकारी स्वर्गीय हिसामुद्दीन उस्ता, उस्ता कला के सिद्धहस्त कलाकार (उस्ता कला के जादूगर) थे, जिन्हें 1986 में पद्मश्री अलंकरण प्रदान किया गया। अन्य कलाकार- मो. हनीफ उस्ता, इलाही बख्श उस्ता, कादर बख्श उस्ता, रुकनुद्दीन उस्ता। 77 / 148 जस्ते से निर्मित 'बादला' की बोतलों के लिए कौनसा स्थान प्रसिद्ध है? पुलिस (B) 2018 प्रतापगढ़ बीकानेर जयपुर जोधपुर 78 / 148 सुमेलित कीजिए- सूची-I सूची-II 1.अजरक प्रिंट (i)कैथून 2.पावरलूम कपड़ों पर छपाई (ii)जोधपुर 3.मोठड़ा (iii)बालोतरा 4.मसूरिया (iv)बाड़मेर नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए- CET (स्नातक स्तर) 2023 1-(i), 2-(ii), 3-(iii), 4-(iv) 1-(ii), 2-(iii), 3-(iv), 4-(i) 1-(iv), 2-(iii), 3-(ii), 4-(i) 1-(iii), 2-(iv), 3-(i), 4-(ii) कोटा डोरिया- सूती धागे के साथ रेशमी व जरी के काम को कोटा डोरिया कहा जाता है। झाला जालिम सिंह [कोटा] मैसूर से मंसूर अहमद बुनकर को कोटा लाये, इसलिए इसे मसूरिया साड़ी भी कहा जाता है। प्रसिद्ध केन्द्र- कैथून [कोटा], मांगरोल [जैनब व मसूरिया]। 79 / 148 फड़ कलाकार 'श्री लाल जोशी' किस जिले से संबंधित हैं? CET (10+2) 2024 भीलवाड़ा चूरू जयपुर सीकर 80 / 148 राजस्थान में मूर्तिकला के लिए कौनसा शहर विख्यात है? LDC 2011 अजमेर कोटा भीलवाड़ा जयपुर राजस्थान में मूर्तिकला के लिए प्रसिद्ध स्थान- संगमरमर की मूर्तियाँ - जयपुर, किशोरीग्राम (अलवर); लाल पत्थर की मूर्तियाँ - थानागाजी (अलवर); काले संगमरमर की मूर्तियाँ - तलवाड़ा (बाँसवाड़ा); भवनों में लगने वाले जाली-झरोखे व मूर्तियाँ - सिकन्दरा (दौसा); जिंक की मूर्तियाँ - जोधपुर; चंदन की मूर्तियाँ - चूरू; सोप स्टोन की मूर्तियाँ - गलियाकोट (डूंगरपुर)। 81 / 148 निम्न में से जयपुर का परम्परागत हस्त उद्योग कौनसा है? LDC 2018 CET (10+2) 2023 चित्रकला ब्लू पॉटरी ऊनी खादी थेवा कला 82 / 148 गोपाल सैनी का सम्बन्ध राजस्थान की किस हस्तकला से है? CET (स्नातक स्तर) 2023 टैराकोटा ब्लू पॉटरी काष्ठ कला थेवा कला 83 / 148 'ब्लू पॉटरी' की प्रसिद्ध कला इससे पूर्व किस नाम से जानी जाती थी? सहा. कृषि अधिकारी 2019 नीलगिरि जामदानी कामचीनी मृण्मय 84 / 148 राजस्थान के संदर्भ में पचेवड़ा क्या है? सांख्यिकी अधिकारी 2021 कच्ची मिट्टी के खिलौने जूट पट्टी हस्तनिर्मित कागज मोटी सूती शॉल राजस्थान के संदर्भ में पछेवड़ा मोटी सूती शॉल या कंबल की तरह मोटा सूती वस्त्र होता है, जिसे ठंड के मौसम में ओढ़ा/पहना जाता है। 85 / 148 राजसमंद का मोलेला गाँव किस शिल्पकला के लिए विख्यात है? अध्यापक [पंजाबी] Ex. 2023 माण्डणा शिल्प काष्ठ कला पटचित्र कला मृण शिल्प 86 / 148 सुमेलित कीजिए- सूची-I(हस्तशिल्प) सूची-II(स्थान) A.अजरक प्रिन्ट (I)नाथद्वारा B.जाजम प्रिन्ट (II)चित्तौड़गढ़ C.पिछवाई (III)अकोला D.दाबू प्रिन्ट (IV)बाड़मेर नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए- V.D.O. मुख्य परीक्षा 2022 A-IV, B-II, C-I, D-III A-II, B-IV, C-I, D-III A-I, B-II, C-III, D-IV A-III, B-I, C-IV, D-II 87 / 148 सवाई रामसिंह-II द्वारा किस वर्ष राजस्थान कला विद्यालय की स्थापना की गई? पटवारी परीक्षा 2021 1882 1860 1857 कोई नहीं 88 / 148 राजस्थान के कुदरत सिंह किस हस्तशिल्प से सम्बद्ध हैं? I Grade tea. (G.K) 2022 उस्ता कला बंधेज ब्लू पॉटरी मीनाकारी मीनाकारी के प्रमुख कलाकार- कुदरत सिंह (1988 में पद्मश्री), मुन्नालाल (जयपुर), काशीनाथ, कैलाशचंद व दुर्गासिंह। 89 / 148 राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त मोहनलाल किस शिल्प कला से संबंधित हैं? JEN सिविल-डिप्लोमा 2022 थेवा कला उस्ता कला बंधेज कला मोलेला मृण्मूर्ति कला 90 / 148 निम्नलिखित में से सही जोड़ा चुनिए- स्टेनोग्राफर 2013 डोरिया साड़ी - सांगानेर नमदा - टोंक अजरक प्रिंट - बगरू लकड़ी के खिलौने - कोटा डोरिया साड़ी - कोटा; अजरक प्रिंट - बाड़मेर; लकड़ी के खिलौने - उदयपुर। 91 / 148 _____ फड़ चित्रण के लिए जाना जाता है? वनपाल 2022 शाहपुरा चित्तौड़ नाथद्वारा किशनगढ़ शाहपुरा फड़ चित्रण का प्रमुख केन्द्र है, जहाँ छीपा जाति जोशी गोत्र के लोगों द्वारा फड़ चित्रण का कार्य करते हैं। श्रीलाल जोशी इस शैली के प्रमुख चित्रकार हैं। प्रमुख चित्रकार- श्री लाल जोशी, प्रदीप मुखर्जी, श्रीमती पार्वती जोशी (प्रथम फड़ चितेरी महिला), गोतली देवी आदि। 92 / 148 चित्रकार कृपाल सिंह शेखावत को भारत सरकार द्वारा किस वर्ष पद्मश्री प्रदान किया गया था? कॉलेज व्याख्याता 2021 1964 1970 1974 1980 93 / 148 भीलों द्वारा, लड़की के विवाह के समय घर की दीवार पर बनाए जाने वाले लोक देवी के चित्र को क्या कहा जाता है? CET (स्नातक स्तर) 2023 तहनिशा मांडना फड़ भराड़ी 94 / 148 राजस्थान का कौनसा क्षेत्र बेलबूटों की छपाई की परम्परागत कला के लिए जाना जाता है? कनिष्ठ अभियंता (यांत्रिक/विद्युत) डिग्री 2020 RAS/RTS 2003 मोलेला बगरू सांगानेर बस्सी प्राचीन छपाई कला जिसमें लकड़ी के ठप्पों द्वारा फूल पत्तियों व पशु-पक्षियों का काले एवं लाल रंग से चित्रांकन किया जाता है। बगरू प्रिंट में बगरू की मिट्टी तथा वानस्पतिक रंगों का प्रयोग किया जाता है। रामकिशोर छीपा को बगरू प्रिंट के लिए 2009 में पद्मश्री मिला है। 95 / 148 'भारतीय लोक कला मण्डल संस्थान' कहाँ स्थित है? CET (स्नातक स्तर) 2023 बेसिक कम्प्यूटर अनु. 2022 उदयपुर जोधपुर टोंक जयपुर भारतीय लोक कला मण्डल की स्थापना 1952 में देवीलाल सामर द्वारा की गई। संस्थान का उद्देश्य- राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश की लोक कलाओं, संस्कृति, गीतों और त्यौहारों का अध्ययन करना, उन्हें लोकप्रिय बनाना और उन्हें बढ़ावा देना है। यह संस्था राज्य में कठपुतली कला के विकास के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। 96 / 148 निम्नलिखित में से कौनसा स्थान दरी निर्माण के केन्द्र के रूप में प्रसिद्ध है? LDC 2016 टोंक पुष्कर जयपुर उदयपुर राजस्थान में दरी निर्माण के प्रमुख केन्द्र- 1. टांकला ग्राम (नागौर), 2. सालावास (जोधपुर ग्रामीण) - सालावास के दस्तकार दरियों पर मांडणे, कोरणी, पशु-पक्षी और देवी-देवताओं के चित्रों की बुनाई से उकेरते हैं, 3. लवाण (दौसा), 4. लेटा गाँव (जालौर) - ओढ़ने की मोटी सूती चादर 'खेसला' के लिए प्रसिद्ध है, 5. मांगरोल (बाराँ)। दरी व कालीन का कार्य राजस्थान के जयपुर तथा अजमेर क्षेत्र में विशेष रूप से होता है। 97 / 148 जो नगर समुच्चय लकड़ी के खिलौने बनाने के लिए प्रसिद्ध है, वह है? PTI Ex. 2018 उदयपुर, सवाईमाधोपुर, जोधपुर उदयपुर, सवाईमाधोपुर, बाड़मेर उदयपुर, सवाईमाधोपुर, जैसलमेर उदयपुर, जयपुर, जोधपुर 98 / 148 अजरक प्रिंट के लिए राजस्थान का कौनसा स्थान प्रसिद्ध है? Librarian (Gr.-III) 2025 CET (10+2) 2023 प्रयोगशाला सहायक (भूगोल) 2022 PTI 2022 सांगानेर बाड़मेर कोटा जैसलमेर अजरक प्रिंट [बाड़मेर]- इसमें लाल व नीले रंग से छपाई की जाती है। अलंकरण ज्यामितीय होते हैं तथा छपाई दोनों तरफ की जाती है। मलीर प्रिंट [बालोतरा]- इसमें एक तरफ की छपाई की जाती है। कत्थई व काले रंग का प्रयोग होता है तथा ज्यामितीय अलंकरणों की प्रधानता होती है। 99 / 148 गुलाबी मृद्भांड किस शहर से संबंधित हैं? राज. पुलिस 2025 जोधपुर उदयपुर जयपुर अजमेर 100 / 148 लकड़ी के बने देव विमान जिनकी देवझूलनी एकादशी पर झांकी निकाली जाती है, कहलाते हैं- JEN विद्युत-डिप्लोमा 2022 बाजोट बेवाण खांडे चौपड़े 'बेवाण' एक प्रकार का काष्ठ का मंदिर है, जिसे मिनिएचर वुडन टेम्पल भी कहते हैं। (बेवाण लकड़ी से निर्मित सिंहासन जिस पर ठाकुरजी की मूर्ति को शृंगारित करके बैठाया जाता है।) अनन्त चतुर्दशी एवं देवझूलनी ग्यारस पर 'बेवाण' निकालने की परम्परा है। बस्सी [चित्तौड़गढ़] के कारीगर 'बेवाण' बनाने में निपुण हैं। 101 / 148 संगमरमर की मूर्तियाँ राजस्थान में कहाँ बनती हैं? RAS/RTS 2003 जयपुर किशनगढ़ बांसवाड़ा उदयपुर संगमरमर की मूर्तियाँ बनाने का काम मुख्यतः जयपुर में किया जाता है। जयपुर में सिलावट ब्राह्मण संगमरमर की देवी-देवताओं व महापुरुषों की मूर्तियाँ बनाने के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं। जयपुर के अतिरिक्त अलवर के किशोरी ग्राम में भी संगमरमर की मूर्तियाँ बनाई जाती हैं। 102 / 148 कृपाल सिंह शेखावत का सम्बन्ध किस कला से है? CET (स्नातक स्तर) 2023 वनपाल परीक्षा 2022 थेवा कला कुन्दन कला टेराकोटा ब्लू पॉटरी ब्लू पॉटरी के प्रमुख कलाकार कृपाल सिंह शेखावत रहे, जिन्होंने इस कला को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाई। इन्हें 1974 में 'पद्मश्री' व 2000 में शिल्पगुरू सम्मान से सम्मानित किया गया। अन्य प्रमुख कलाकार- नाथी बाई, गोपाल सैनी, त्रिलोक चन्द, भगवान सहाय, दुर्गालाल, हनुमान सहाय, गिरिराज, भैरू खारवाल। 103 / 148 कृपालसिंह शेखावत को किस कला को देश-विदेश में पहचान दिलाने के लिए 'पद्मश्री' से सम्मानित (1974) किया गया? कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक 2019 पुलिस परीक्षा 2001 ब्लू पॉटरी हाथीदाँत कार्य लाख कार्य साहित्य 104 / 148 अजरक प्रिंट में आमतौर पर किन रंगों का प्रयोग किया जाता है? प्रवक्ता (तकनीकी शिक्षा विभाग) 2021 गुलाबी और भूरा हरा और सफेद नीला और लाल काला और सफेद 105 / 148 निम्न में से कौनसा कथन राजस्थान की ब्लॉक छपाई के बारे में सही नहीं है? CET (10+2) 2023 इसकी प्रक्रिया की शुरुआत 12वीं सदी से हुई थी। इसमें प्राकृतिक रंगों का उपयोग नहीं किया जाता है। यह राजस्थान का एक प्राचीन शिल्प रूप है। इसे सूती कपड़े पर किया जाता है। 106 / 148 निम्नांकित में से किस कला विधा में, अपने अमूल्य योगदान के लिए श्रीलाल जोशी को 'पद्मश्री पुरस्कार' से सम्मानित किया गया था? BSTC 2024 राजस्थान का लोकनृत्य राजस्थान का लोक संगीत बहरूपिया फड़ पेंटिंग 107 / 148 कौनसा कूट सुमेलित नहीं है? JEN Civil Diploma 2016 मामाजी के घोड़े - बसन्तगढ़ दाबू प्रिन्ट - आकोला लाख का काम - लक्ष्मणगढ़, इन्द्रगढ़ अजरक प्रिन्ट - बाड़मेर जालौर जिले के 'हरजी गाँव' के कुम्हार मामाजी के घोड़े बनाते हैं जो बहुत प्रसिद्ध हैं। 108 / 148 'उस्ता कला' के लिए राजस्थान का कौनसा स्थान प्रसिद्ध है? पुलिस (B) 2018 प्रतापगढ़ बीकानेर जयपुर जोधपुर 109 / 148 राजस्थान के किस स्थान पर बड़े और बोल्ड डिजाइन और पैटर्न मुद्रित किए जाते हैं? स्टेनोग्राफर 2024 बाड़मेर चूरू जयपुर जोधपुर 110 / 148 निम्न दस्तकारों में से किसे टेराकोटा ऑफ मोलेला के लिए पद्मश्री पुरस्कार दिया गया है? CET (10+2) Ex. 2023 महेश सोनी अर्जुन प्रजापति श्री लाल जोशी मोहनलाल कुम्हार मोहन लाल कुम्हार को वर्ष 2012 में टेराकोटा कला के लिए पद्मश्री सम्मान प्रदान किया गया। अन्य कलाकार- खेमराज व राजेन्द्र कुमार, गगन बिहारी दाधीच, भगराम कुम्हार, जमनालाल कुम्हार, लक्ष्मी लाल कुम्हार। 111 / 148 सूची-I में लोक कला के वर्णन को सूची-II में लोक कला से मिलान कीजिए- सूची-I(लोक कला का वर्णन) सूची-II(लोक कला) A.कन्याएँ गोबर से रेखाएँ उकेरकर उनमें काँच के टुकड़े, मणिकाएँ, चूड़ियाँ, कौड़ी, पत्थर, लाख इत्यादि का प्रयोग करके चमकती हुई आकृति बनाती हैं (i)सांझी B.अत्यंत सरल होते हुए भी अमूर्त व ज्यामितीय शैली का अद्भुत सम्मिश्रण है। (ii)मांडणा C.यह एक मंदिरनुमा काष्ठ कलाकृति है, जिसमें कई द्वार बने होते हैं। (iii)कावड़ नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए- कनिष्ठ अनुदेशक 2025 A-(ii), B-(iii), C-(i) A-(iii), B-(i), C-(ii) A-(iii), B-(ii), C-(i) A-(i), B-(ii), C-(iii) 112 / 148 पोमचा क्या है? वनपाल 2022 चित्रकला शैली रंगाई की शैली पद्य शैली बर्तन गढ़ने की शैली बंधेज की रंगाई से बना हुआ वस्त्र जिसमें चारों ओर कोरा पल्ला तथा बीच में कमल के फूल के अभिप्राय युक्त ओढ़नी बनाई जाती है। नवजात शिशु की माँ के लिए पीहर पक्ष की ओर से पीला (पुत्र के जन्म पर) व गुलाबी (पुत्री के जन्म पर) पोमचा पहनाया जाता है। 113 / 148 किस वृक्ष की लकड़ी का उपयोग क्रिकेट का बल्ला बनाने के लिए किया जाता है? CET (10+2) 2023 बबूल विलो टीक आम 114 / 148 निम्नलिखित में से कौनसा राजस्थान की प्रसिद्ध हैंड ब्लॉक प्रिंटिंग तकनीक का नाम है, जिसमें सफेद या ऑफ-व्हाइट पृष्ठभूमि पर दबाए गए जटिल पुष्प पैटर्न्स होते हैं? टाउन प्लानर Ex. 2023 बांधनी सांगानेर लहरिया पटोला 115 / 148 'चंदूजी का गढ़ा और बोडीगामा' स्थान किसलिए प्रसिद्ध हैं? Librarian 2022 ग्रामसेवक 2016 जाजम प्रिंटिंग के लिए तामचीनी के लिए तीर बनाने के लिए कुंदन कला के लिए चंदूजी का गढ़ा (बांसवाड़ा) व बोडीगामा (डूंगरपुर) लकड़ी के तीर-कमान के लिए प्रसिद्ध है। 116 / 148 मुनव्वती कला कहाँ प्रसिद्ध है, जिसमें ऊँट के चमड़े को सोने से सजाया जाता है? Raj. Police K-1 2024 उदयपुर जयपुर बीकानेर जोधपुर 117 / 148 बागोर उद्योग की विशेषता शिल्प कौशल के उच्च मानकों से है, जिसकी तुलना भारत के किस स्थान के प्रारूप विज्ञान और प्रौद्योगिकी से की जा सकती है? Asst. Director (Sc.Dep.) 2025 गौरी गुंडम (तेलंगाना आ.प्र.) मौरहाना पहाड़ (उ.प्र.) पंचमढ़ी (म.प्र.) बीरभानपुर (प.बं.) 118 / 148 मीनाकारी की थेवा कला के लिए राजस्थान का कौनसा स्थान प्रसिद्ध है? LDC Exam 2024 CET (10+2) 2024 बाड़मेर प्रतापगढ़ नाथद्वारा जोबनेर थेवा कला काँच पर सोने का सूक्ष्म चित्रांकन है। थेवा कला के लिए रंगीन बेल्जियम कांच का प्रयोग किया जाता है। थेवा कला का जन्मदाता प्रतापगढ़ का राज सोनी परिवार है (सर्वप्रथम नाथूजी सोनी)। थेवा कला के लिए मुख्यतः हरा, लाल एवं नीला कांच का प्रयोग किया जाता है, परन्तु हरे रंग की थेवा सुंदर मानी जाती है। कलाकार- महेश राज सोनी (2015 पद्मश्री से सम्मानित), शंकरलाल सोनी व रामनिवास (राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त)। थेवा कला का नाम इनसाइक्लोपीडिया ऑफ ब्रिटेनिका में अंकित है। 119 / 148 राजस्थान में कहाँ पर प्रसिद्ध मीनाकारी गहने बनाए जाते हैं? PTI IIGr. 2012 जयपुर उदयपुर जोधपुर अजमेर सोने-चाँदी के आभूषणों पर चित्रकारी करने, रंग भरने की कला को मीनाकारी कहते हैं। मीनाकारी कला का उद्भव पश्चिमी ईरान से माना जाता है। मीनाकारी के कार्य की सर्वोत्कृष्ट कृतियाँ जयपुर में तैयार की जाती हैं। जयपुर में मीनाकारी सोना, चाँदी और ताँबे पर की जाती है। जयपुर राजघराने ने इस कला को सर्वाधिक प्रोत्साहन दिया। मीनाकारी में लाल व हरे रंग का प्रयोग होता है। मीनाकारी की किस्में- सफेद सलवां, लाल जमीन, बूँदतिला या शबनम और छांदवा। 120 / 148 किस शासक के समय राजस्थान में ब्लू पॉटरी की शुरुआत हुई? अध्यापक [पंजाबी] Ex. 2023 सवाई रामसिंह सवाई मानसिंह सवाई जयसिंह सवाई माधोसिंह 121 / 148 कावड़ कला में किस सामग्री का प्रयोग नहीं होता है? Asst. Pro. (History) 2024 लकड़ी खनिज रंग खड़ी मिट्टी वसली 122 / 148 सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट का उपयोग करके सही उत्तर चुनिए- सूची-I सूची-II A.पाने (1)लकड़ी B.फड़ (2)दीवार तथा फर्श C.मांडना (3)कपड़ा D.कावड़ (4)कागज नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए- LDC Exam 2024 CET (10+2) 2024 A-1, B-2, C-3, D-4 A-3, B-4, C-2, D-1 A-4, B-3, C-2, D-1 A-2, B-3, C-4, D-1 मांडना- राजस्थान में विभिन्न मांगलिक अवसरों पर महिलाओं द्वारा गेरू, खड़िया व हिरमिच से अनामिका की सहायता से घर के आंगन व दीवारों को अलंकृत करने के लिए जो ज्यामितीय अलंकरण बनाए जाते हैं 'मांडने' कहलाते हैं। फड़ चित्रण- रेजी या खादी के कपड़े पर विभिन्न लोक-देवताओं तथा ऐतिहासिक व्यक्तियों के जीवन चरित्र व चमत्कारों का चित्रित स्वरूप ही फड़ कहलाता है। शाहपुरा फड़ चित्रण का प्रमुख केन्द्र है। फड़ चित्रण में लाल व हरे रंग का प्रमुख रूप से प्रयोग करते हैं। पाने- विभिन्न देवी-देवताओं के कागज पर बने चित्र पाने कहलाते हैं। श्रीनाथ जी का पाना सबसे अधिक कलात्मक है, जिसमें 24 शृंगारों का चित्रण है। 123 / 148 वस्त्र रंगने की मलयगिरी पद्धति में किस रंग की प्रधानता होती है? IIGr. Tea. [संस्कृत] Ex. 2023 काला भूरा नीला पीला वस्त्र रंगने की मलयगिरी पद्धति में भूरे रंग को कई रंगों के मिश्रण के साथ चन्दन मिलाकर तैयार किया जाता है। इस रंग से रंगा वस्त्र लम्बे समय तक सुगंधित रहता है। 124 / 148 राजस्थान के किस जिले की ब्लैक पॉटरी फूलदानों, प्लेटों और मटकों के लिए प्रसिद्ध है? वनरक्षक 2022 जैसलमेर अलवर कोटा बीकानेर ब्लैक पॉटरी कोटा की प्रसिद्ध है, जो फूलदानों, प्लेटों व मटकों पर की जाती है। ब्लैक पॉटरी का कार्य सवाई माधोपुर में भी किया जाता है। राज्य में प्रचलित अन्य प्रकार की पॉटरी कला- 1. कागजी पॉटरी/डबल कट वर्क पॉटरी - अलवर, 2. सुनहरी पॉटरी - बीकानेर, 3. लाख की पॉटरी - बीकानेर (बर्तनों पर लाख के टुकड़ों से डिजाइन बनाना), 4. पोकरण पॉटरी - जैसलमेर। 125 / 148 कृपालसिंह शेखावत एवं दुर्गासिंह किस क्षेत्र से सम्बद्ध रहे हैं? 4th Gr. Ex. 2025 सहा. अग्निशामक अधिकारी 2022 उस्ताकला, मीनाकारी ब्लू पॉटरी, मीनाकारी ब्लू पॉटरी, थेवाकला मीनाकारी, मूर्तिकला 126 / 148 जोधपुर में पीने के पानी के बर्तनों पर कपड़े या चमड़े की एक परत को लपेटा जाता है। इन्हें क्या कहते हैं? पुलिस परीक्षा 2022 RSMSSB LDC (D) 2018 बादले थेवा सांगानेरी दाबू 127 / 148 लोक संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए जोधपुर जिले के बोरूंदा में 'रूपायन संस्थान' की स्थापना किसने की? 4th Gr. Ex. 2025 CET (स्नातक) 2023 कोमल कोठारी विजयदान देथा गुलाब कोठारी (1) व (2) दोनों रूपायन संस्थान की स्थापना 1960 बोरूंदा (जोधपुर) में कोमल कोठारी और विजयदान देथा द्वारा लोक कथाओं और लोक गीतों को एकत्र करने के लिए की गई। 128 / 148 निम्न में से कौनसा कलाकार मिट्टी के डिजाइनर पात्रों का कार्य कर रहा है? LDC Ex. 2018 ओम प्रकाश गालव देवदत्त कृपालसिंह शेखावत बेनीराम सोनी ओम प्रकाश गालव मिट्टी की कला हेतु प्रसिद्ध (मिट्टी से ज्वैलरी बनाना) हैं, जिन्हें वर्ष 2017 में अंतर्राष्ट्रीय शिल्प पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 129 / 148 'उस्ता' कला संबंधित है? RPSC सहा. सांख्यिकी अधिकारी 2019 चर्म शिल्प लकड़ी पर नक्काशी मार्बल पर नक्काशी सजावटी लाख शिल्प 130 / 148 राजस्थान का कौनसा जिला बंधेज साड़ियों के लिए प्रसिद्ध है? EO/RO Ex. 2023 जोधपुर कोटा शाहपुरा उदयपुर बंधेज प्रिंट- वस्त्रों पर छपाई की एक तकनीक जिसमें कपड़ों को जगह-जगह पर धागे से बांधकर, रंग में डुबोकर अलंकरण बनाया जाता है। बंधेज की छपाई लहरिया, मोठड़ा, चुनरी, धनक, पोमचा आदि रूपों में होती है। प्रमुख केन्द्र- जयपुर, जोधपुर, बगरू, सुजानगढ़, कालाडेरा आदि। लहरिया- रंगाई के दौरान कपड़े को एक सिरे से दूसरे सिरे तक बाँधने से धारियाँ बन जाती हैं। यह बंधेज लहरिया कहलाता है। 131 / 148 राजस्थान की प्रसिद्ध ब्लू पॉटरी की दस्तकारी का उद्भव कहाँ से हुआ? RAS/RTS 2003 कश्मीर पर्शिया [ईरान] अफगानिस्तान सिंध 132 / 148 उदयपुर में भारतीय लोककला मण्डल की स्थापना किसने की थी? वनपाल 2022 देवीलाल सामर कोमल कोठारी करना भील जनार्दनराय 133 / 148 राजस्थान की प्रसिद्ध लोक कला 'बेवाण' है- बेसिक कम्प्यूटर अनुदेशक 2022 खादी के कपड़े पर लोक देवता के जीवन को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत करना लकड़ी से निर्मित सिंहासन जिस पर ठाकुरजी की मूर्ति को शृंगारित करके बैठाया जाता है लकड़ी से निर्मित तलवारनुमा आकृति जिसका उपयोग रामलीला नाटक में किया जाता है कपाटों युक्त लकड़ी से निर्मित मंदिरनुमा आकृति 134 / 148 मोकड़ी क्या है? CET (10+2) Ex. 2023 कनिष्ठ अनुदेशक (टेक्निशियन सोलर) 2025 ऊन की दरियाँ मिट्टी के बर्तन लकड़ी के खिलौने लाख की चूड़ियाँ लाख की बनी चूड़ियाँ मोकड़ी कहलाती हैं, जो जयपुर की प्रसिद्ध हैं। लाख की चूड़ियाँ - जयपुर, जोधपुर; लाख के आभूषण व खिलौने - उदयपुर; लाख की पॉटरी - बीकानेर। लाख की कलाकृतियों के प्रसिद्ध कलाकार - अयाज मोहम्मद, शादाब अहमद, स्व. इकराम अहमद खान। 135 / 148 कहानी कहने की वह कौनसी परम्परा है, जो राजस्थान में अभी अस्तित्व में है, जहाँ महाकाव्य महाभारत और रामायण की कहानियों के साथ पुराणों की कहानियों, जाति वंशावली और लोक परम्परा की कहानियों को बताया जाता है? पुलिस कॉन्स्टेबल 2022 कावड़ संवाद कावड़ वाचन संवाद वाचन काव्य संरचना 136 / 148 थेवा कला का संबंध राजस्थान के किस स्थान से है? कनिष्ठ अनुदेशक 2025 प्रतापगढ़ चूरू उदयपुर झालावाड़ 137 / 148 पारम्परिक कलाकार मांगीलाल मिस्त्री किस क्षेत्र में प्रसिद्ध हैं? प्रयोगशाला सहायक 2022 कावड़ कठपुतली मांडना फड़ 138 / 148 जयपुर की मीनाकारी की कला महाराजा मानसिंह I द्वारा ...... से लाई गई? कनिष्ठ अनुदेशक 2025 REET Main's (Maths) Ex. 2023 वनपाल 2022 कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक 2019 चीन लाहौर बलूचिस्तान बंगाल 139 / 148 'कुंदन कला' के लिए राजस्थान का कौनसा स्थान प्रसिद्ध है? पुलिस (B) 2018 प्रतापगढ़ बीकानेर जयपुर जोधपुर 140 / 148 जाजम/आजम छपाई कहाँ की प्रसिद्ध है? कृषि पर्यवेक्षक परीक्षा 2021 वनरक्षक परीक्षा 2022 चित्तौड़गढ़ की बाड़मेर की जोधपुर की दौसा की मोटे सूती धागे की बुनाई कर बनाई जाने वाली मोटी दरी 'जाजम' कहलाती है। जाजम पर हाथ की छपाई की जाती है। इसमें लाल व हरे रंग का प्रयोग ज्यादा होता है। जाजम छपाई के लिए चित्तौड़गढ़ प्रसिद्ध है। 141 / 148 कुदरत सिंह को राजस्थान की किस हस्तकला में योगदान के लिए पद्मश्री पुरस्कार से अलंकृत किया गया था? उद्योग निरीक्षक 2018 ब्लू पॉटरी कपड़े की छपाई मीनाकारी पीतल पर मुरादाबादी काम 142 / 148 ................अपने काले-लाल प्रिंट के लिए प्रसिद्ध है, जिसमें फूलों, पत्तियों, जानवरों और पक्षियों को मटिया (मिट्टी) रंग के आधार पर लाल और काले रंग में बनाया जाता है? AEN Ex. 2023 सांगानेरी कैथून बगरू अकोला 143 / 148 राजस्थानी लोक कला का एक रूप जिसका प्रयोग दीवारों, द्वारों, चौखटों, चबूतरों, आँगन और पूजा स्थलों आदि को सजाने के लिए किया जाता है, कहलाता है? 4th Gr. Ex. 2025 फड़ मांडणा पाने कावड़ 144 / 148 निम्नांकित में से कौनसा शासक है, जिसने गलीचा बनाने में पहल की? कृषि अधिकारी 2013 आमेर का मानसिंह प्रथम बीकानेर का रायसिंह मेवाड़ का राजसिंह जोधपुर का अजीतसिंह जयपुर गलीचों के निर्माण के लिए प्रसिद्ध है। आमेर के शासक मानसिंह प्रथम ने गलीचा बनाने की पहल की। राजकीय संग्रहालय जयपुर में ईराक के शाह अब्बास द्वारा मिर्जा राजा जयसिंह को भेंट स्वरूप दिया गया गलीचा सुरक्षित है, जिसमें बगीचा बना हुआ है। बीकानेर जिले के गलीचों का कार्य सर्वाधिक सुंदर माना जाता है। 145 / 148 राजसमन्द जिले में स्थित मोलेला गाँव किस लोक कला के लिए विख्यात है? प्रयोगशाला सहा.- भूगोल 2022 मृण्मय मूर्तिकला काष्ठ कला वस्त्र छपाई हस्तनिर्मित कागज 146 / 148 राजस्थान के जनजातीय समुदायों में प्रचलित लोक कला, जिसमें सुई जैसे औजार से सजावट के लिए त्वचा में काले रंग को डाला जाता है, उसे क्या कहते हैं? 4th Gr. Ex. 2025 कावड़ भील मांडना गोदना 147 / 148 टेराकोटा से मन्नत मूर्तियाँ या देवताओं की मूर्तियाँ बनाने की मोलेला कला में, मिट्टी को मजबूत करने और उसे कड़ा बनाने के लिए उसमें निम्न में से कौन सी सामग्री मिलाई जाती है? पुलिस परीक्षा 2022 चावल की भूसी और ऊँट का गोबर चावल की भूसी और गधे का गोबर गेहूं की भूसी और ऊँट का गोबर मक्के की भूसी और ऊँट का गोबर 148 / 148 'थेवा कला' के लिए राजस्थान का कौनसा स्थान प्रसिद्ध है? पुलिस (B) 2018 प्रतापगढ़ बीकानेर जयपुर जोधपुर अगर लीडरबोर्ड (रिजल्ट) में आपका नाम चाहते हैं, तो निम्न जानकारी फिल कर सकते हैं। आपका केवल नाम सार्वजनिक होगा, ई-मेल और मोबाइल नंबर गोपनीय रहेगा। आप हर बार एक ही नाम और ईमेल का प्रयोग करें, ताकि हर बार अंक आपके स्कोरबोर्ड में ही काउंट हो। Your score isThe average score is 0% 0%